*सलखन में दोहरी रेलवे लाइन की ऊंची मिट्टी बनी आफत! बारिश में घरों और शौचालयों तक घुसा पानी*

*सलखन में दोहरी रेलवे लाइन की ऊंची मिट्टी बनी आफत! बारिश में घरों और शौचालयों तक घुसा पानी*
•~ जलभराव से मचा हाहाकार, ग्रामीणों का आरोप—शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई, आखिर कब मिलेगी राहत?

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के सलखन में दोहरी रेलवे लाइन निर्माण के बाद उत्पन्न जल निकासी की गंभीर समस्या अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते गांधी स्मारक निधि से लेकर दीपचंद भारती के घर तक सड़क और आसपास का इलाका जलमग्न हो गया है। स्थिति इतनी खराब है कि बारिश का पानी कई घरों और शौचालयों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि डबल रेल लाइन निर्माण के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास काफी ऊंचाई तक मिट्टी डाल दी गई, जिसके कारण बारिश के पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो गई है। नतीजतन, बारिश का पानी बस्ती की ओर जमा हो रहा है और हर वर्ष लोगों को जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है।
*हर बारिश में बन जाते हैं बदतर हालात*
ग्रामीणों के अनुसार, थोड़ी देर की तेज बारिश के बाद ही सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं। घरों के आसपास पानी जमा होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। कई स्थानों पर पानी घरों और शौचालयों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। हर बारिश में जलभराव की यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
*शिकायत के बावजूद नहीं बनी जल निकासी की व्यवस्था*
भोला शर्मा, हरिदास शर्मा, उर्मिला देवी, शारदा देवी, खुर्शीद अहमद, मनोज अग्रहरी, डॉ. लोकनाथ, वसीर अहमद, मुन्ना और सुभाष भारती सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी ग्राम प्रधान एवं संबंधित रेलवे अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं कराई गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
*जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण और तत्काल कार्रवाई की मांग*
पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और बस्ती में जमा बारिश के पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि डबल रेल लाइन निर्माण के कारण उत्पन्न जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि आने वाले समय में बारिश के दौरान लोगों को घरों में पानी घुसने और जलभराव की भयावह स्थिति से न जूझना पड़े।
*ग्रामीणों की पीड़ा—*
“रेल लाइन की ऊंचाई बढ़ी, लेकिन हमारी बस्ती की मुसीबत भी बढ़ गई। आखिर हर बारिश में घरों में घुसते पानी से कब मिलेगी राहत?”
*अब सवाल यह है कि आखिर संबंधित विभाग और प्रशासन कब इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर सलखन की बस्ती को जलभराव की इस स्थायी मुसीबत से राहत दिलाएगा?*


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