*मानवता की मिसाल: निशांत होंडा ने उठाई गरीब छात्र साजित की पढ़ाई की जिम्मेदारी, इससे पहले जरूरतमंदों को लगवा चुके हैं कृत्रिम पैर*

*मानवता की मिसाल: निशांत होंडा ने उठाई गरीब छात्र साजित की पढ़ाई की जिम्मेदारी, इससे पहले जरूरतमंदों को लगवा चुके हैं कृत्रिम पैर*
​बीजपुर, सोनभद्र (संदीप राय )
मुश्किल हालात और संसाधनों की कमी किसी होनहार के सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती—इस बात को सच कर दिखाया है बीजपुर के निशांत होंडा के प्रोपराइटर विजय कुमार ने। शिक्षा के क्षेत्र में मदद का हाथ बढ़ाने के साथ-साथ उनका संस्थान समाज सेवा के अन्य कार्यों में भी लगातार मिसाल पेश कर रहा है। हाल ही में उन्होंने एक गरीब और जरूरतमंद छात्र की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाया है।
​संघर्षों से भरा जीवन और अधूरा सपना
​डोडहर, बीजपुर के रहने वाले साजित विश्वकर्मा अरविंद विश्वकर्मा के इकलौते पुत्र हैं।पिता के न होने से घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि मां दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाती हैं। इन विकट परिस्थितियों के बावजूद साजित ने सरकारी स्कूल से कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई तो जैसे-तैसे पूरी कर ली, लेकिन आगे की स्कूली शिक्षा (कक्षा 9 से 12) जारी रखने के लिए उनके पास न तो कोई साधन था और न ही पैसे।
​मसीहा बनकर आए निशांत होंडा के प्रोपराइटर विजय कुमार
​जब इस छात्र के संघर्ष की भनक निशांत होंडा के प्रोपराइटर विजय कुमार को लगी, तो उन्होंने तुरंत साजित और उनकी मां को अपनी एजेंसी पर बुलाया। विजय कुमार ने मां को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया, “आप बिल्कुल निश्चिंत रहें। आपके बेटे की 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई का पूरा खर्च—स्कूल की फीस, कॉपी-किताबें और ड्रेस—निशांत होंडा द्वारा उठाया जाएगा।” यह सुनते ही मां के चेहरे पर एक गहरी संतुष्टि और खुशी लौट आई।
​पहले भी कई जरूरतमंदों की जिंदगी में लौटाई खुशियां
​निशांत होंडा का यह सामाजिक सरोकार केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले भी संस्थान द्वारा कई ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों को निशुल्क कृत्रिम पैर (Artificial Limbs) लगवाए गए हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज या कृत्रिम अंग लगवाने में असमर्थ थे। आज वे सभी लोग कृत्रिम पैर के सहारे पूरी तरह सक्षम होकर अपना व्यवसाय (जैसे मजदूरी या अन्य कार्य) कर रहे हैं और अपने परिवार का कुशलतापूर्वक पालन-पोषण कर रहे हैं।
​समाज के लिए प्रेरणा बने विजय कुमार
​बातचीत के दौरान निशांत होंडा के ओनर विजय कुमार ने बताया कि उनके द्वारा वर्तमान में ऐसे लगभग 5 से 6 जरूरतमंद बच्चों की स्कूली शिक्षा-दीक्षा का पूरा खर्च उठाया जा रहा है, ताकि गरीबी किसी बच्चे का भविष्य न बिगाड़ सके।
​विजय कुमार के इन मानवीय और परोपकारी प्रयासों की पूरे क्षेत्र में जोरदार चर्चा है और हर कोई उनके इस कदम की सराहना कर रहा है।


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