
*मारकुंडी बाजार में बकाया रकम के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडे व लोहे की रॉड से हमला*
*मारकुंडी बाजार में बकाया रकम के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडे व लोहे की रॉड से हमला*
•~ दो पक्षों में मारपीट के मामले में नौ नामजद के खिलाफ चोपन थाने में FIR दर्ज, घायलों का जिला अस्पताल में उपचार
•~ मामले की जांच एसआई श्रीप्रकाश को सौंपी गई, नामजद आरोपियों के आपराधिक इतिहास के सत्यापन की भी उठी मांग
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के मारकुंडी बाजार में बकाया रकम के विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर चोपन पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अभिलेख के मुताबिक मुकदमा FIR संख्या 0362/2026 के रूप में 16 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया। मामले की जांच उपनिरीक्षक श्रीप्रकाश को सौंपी गई है।
*बकाया पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद*
एफआईआर में शिकायतकर्ता आकाश कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके भाई गोपाल गुप्ता सामान लेने गए थे। इसी दौरान प्रदीप यादव द्वारा दुकान के बकाया पैसे को लेकर उनसे विवाद किया गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर प्रदीप यादव और संदीप यादव ने गोपाल गुप्ता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा मौके से चले गए।
*घर पहुंचकर पूछताछ के बाद फिर बढ़ा विवाद, खूनी संघर्ष*
शिकायत के अनुसार घटना के संबंध में पूछताछ करने के लिए जब संदीप यादव के घर पहुंचे तो वहां विवाद दोबारा बढ़ गया। आरोप है कि संदीप यादव, सचिन यादव, शीतल यादव, शिवकुमार यादव, प्रभाकर यादव, चन्द्रप्रकाश यादव, स्वर्गीय भोला यादव की पत्नी (नाम अज्ञात) तथा कमलेश यादव उर्फ नेता समेत अन्य लोग एक राय होकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर पहुंचे और मारपीट की घटना खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।शिकायतकर्ता के अनुसार इस घटना में राहुल गुप्ता, गोपाल गुप्ता और अतुल गुप्ता को चोटें आईं। तहरीर में मारपीट के दौरान कुछ लोगों के बेहोश होने का भी उल्लेख किया गया है। घायलों के जिला अस्पताल लोढ़ी में उपचार की बात एफआईआर में दर्ज है।
*पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों पर गंभीर धाराओं में दर्ज किया मुकदमा*
पुलिस दस्तावेज के अनुसार प्रकरण की विवेचना एसआई श्रीप्रकाश कर रहे हैं।प्रकरण में थाना चोपन पुलिस ने एफआईआर संख्या 0362/2026, दिनांक 16 सितंबर 2026 को दर्ज की है ।एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 191(2),115(2), 109(1), 352 और 351(3) लगाई गई है।पुलिस अभिलेख में नामजद आरोपियों के रूप में प्रदीप यादव, संदीप यादव, सचिन यादव, शीतल यादव, शिवकुमार यादव, प्रभाकर यादव, चन्द्रप्रकाश यादव, स्वर्गीय भोला यादव की पत्नी (नाम अज्ञात) तथा कमलेश यादव उर्फ नेता के नाम दर्ज हैं पुलिस के समक्ष दर्ज आरोपी की विवेचना अभी जारी है।आरोपो की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
*आपराधिक इतिहास की जांच की उठी मांग*
इधर, स्थानीय सूत्रों द्वारा कुछ नामजद लोगों के पूर्व में आपराधिक मामलों में संलिप्त होने और वांछित रहने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस नामजद आरोपियों के पूर्व आपराधिक इतिहास, पूर्व मुकदमों, यदि कोई लंबित वारंट अथवा वांछित स्थिति हो, तथा उनकी हिस्ट्रीशीट संबंधी अभिलेखों का विधिवत सत्यापन करे।यदि पुलिस जांच में किसी आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है तो उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठ रही है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में नामजद लोगों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं या नहीं।
*घटना की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग*
मारकुंडी बाजार जैसी सार्वजनिक जगह पर विवाद के हिंसक रूप लेने के आरोपों ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध विवेचना, घायलों की मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण तथा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।साथ ही, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और यदि किसी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो जांच के आधार पर वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट की जाए।
*पुलिस के समक्ष दर्ज आरोपों की जांच अभी जारी है। एफआईआर में नाम दर्ज होना आरोप सिद्ध होने के समान नहीं है; आरोपों की पुष्टि विवेचना, मेडिकल साक्ष्यों, गवाहों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।*











