
*सकलडीहा पीजी कॉलेज में ‘विकसित भारत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ*
*सकलडीहा पीजी कॉलेज में ‘विकसित भारत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ*
चन्दौली अविनाश तिवारी ब्यूरो
सकलडीहा: चन्दौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग और पार्श्वनाथ विद्यापीठ (वाराणसी) के संयुक्त तत्वावधान में ‘विकसित भारत@2047 चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, ज्ञान और शोध को विकास की केंद्रीय शक्ति बनाना होगा।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. हरेंद्र कुमार राय ने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने पर जोर दिया।पार्श्वनाथ विद्यापीठ के कार्यकारी निदेशक डॉ. श्री प्रकाश पाण्डेय ने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को विकसित भारत की आधारभूमि बताया।
नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के कृष्ण प्रसाद ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारत-नेपाल संबंधों को और व्यापक बनाने की बात कही। संगोष्ठी के दौरान डॉ. दयाशंकर यादव की पुस्तक ‘विकसित भारत 2047 में युवाओं की संकल्पसिद्धि’ का लोकार्पण किया गया।
तकनीकी सत्रों में देश-विदेश से आए विद्वानों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने शिक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में ग्रामीण-शहरी विकास के अंतर को कम करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर भी विशेष चर्चा हुई।











