
* 43 में से केवल 20 पंचायत सचिवालयों पर उपस्थिति दर्ज, 21 पंचायत सहायकों से स्पष्टीकरण तलब*
* 43 में से केवल 20 पंचायत सचिवालयों पर उपस्थिति दर्ज, 21 पंचायत सहायकों से स्पष्टीकरण तलब*
*अविनाश तिवारी चन्दौली ब्यूरो चीफ*
नौगढ़ विकास खंड में पंचायत सहायकों की कार्य के प्रति घोर लापरवाही सामने आई है। पंचायती राज विभाग द्वारा अनिवार्य ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में 43 में से केवल 20 ग्राम सचिवालयों पर ही उपस्थिति दर्ज हुई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
*मुख्य बिंदु:*
कम उपस्थिति: कुल 43 में से सिर्फ 20 सचिवालयों पर ही पंचायत सहायकों ने उपस्थिति दर्ज की। फेस स्कैन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी केवल दो सहायकों ने ही निभाई।
21 अनुपस्थित: अमदहां चरनपुर से लक्ष्मी, बैरगाढ़ से फूलन यादव, बसौली के संदीप, भैसोड़ा की आसमा बानो, विशेषरपुर की मनीषा कुमारी, बोदलपुर की ममता, चिकनी के बबुंदर यादव, देउरा के जयदीप, जयमोहनी पोस्ता के अखिलेश यादव, मगरही की सुमन, मरवटिया के गोविंद, सेमरा कुसही की ज्योति, ठटवा के दीपक, सिमर साधोपुर के अशोक कुमार, देवदत्तपुर की सत्यभामा, देवरी कला के राजकुमार यादव, चुप्पेपुर की रंजना, जरहर की रंजना, जनकपुर की शिवांगी राव, रिठिया की श्वेता टंडन और पिपराही के विकास यादव सहित 21 पंचायत सहायकों ने उपस्थिति दर्ज नहीं की।
*प्रधानों के घर में उपकरण* : कई पंचायतों में कंप्यूटर, फर्नीचर, और इनवर्टर जैसे महत्वपूर्ण सरकारी उपकरण पंचायत भवनों के बजाय प्रधानों के घरों में रखे होने की भी शिकायत है, जिससे सचिवालयों का नियमित संचालन बाधित है।
*ग्रामीणों का आरोप* : ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश सचिवालयों में ताले लटके रहते हैं और पंचायत सहायकों की उपस्थिति नाममात्र की होती है।
*विभागीय कार्रवाई:* सहायक विकास अधिकारी पंचायत उपेंद्र साहनी ने बताया कि अनुपस्थित पाए गए पंचायत सहायकों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऑनलाइन उपस्थिति को पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पंचायती राज विभाग की इस सख्ती से क्षेत्र के पंचायत सहायकों में हड़कंप मच गया है, और विभाग अनियमितताओं पर लगाम लगाने की तैयारी में है।











