
*यूपी में ‘न्याय’ का नया अध्याय: 6 जिलों में एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास*
*यूपी में ‘न्याय’ का नया अध्याय: 6 जिलों में एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास*
चंदौली अविनाश तिवारी ब्यूरो
उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति में चंदौली समेत छह जिलों—महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—के लिए ‘एकीकृत न्यायालय परिसरों’ का भव्य शिलान्यास किया गया।
*’एक परिसर, संपूर्ण न्याय’ का विजन*
लगभग ₹1600 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना ‘एक परिसर, संपूर्ण न्याय’ के सिद्धांत पर आधारित है। इस मॉडल की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
*एक ही छत के नीचे समाधान* : अब जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय, वाणिज्यिक कोर्ट और ट्रिब्यूनल अलग-अलग स्थानों के बजाय एक ही परिसर में होंगे।
*आधुनिक सुविधाएं:* इन परिसरों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, डिजिटल लाइब्रेरी और अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर बनाए जाएंगे।
*वादी-केंद्रित दृष्टिकोण* : आम नागरिकों के लिए बेहतर वेटिंग एरिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे, जिससे उन्हें अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह कदम न्याय में देरी को खत्म करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बुनियादी ढांचा न केवल अदालतों का बोझ कम करेगा, बल्कि मामलों के निस्तारण की गति को भी बढ़ाएगा।
“यह कोर्ट कॉम्प्लेक्स केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि न्याय के आधुनिक मंदिर हैं, जो कार्यपालिका और न्यायपालिका के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हैं।”
चंदौली से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए एक बेंचमार्क (Model) साबित होगी।











