IGRS जनसुनवाई पोर्टल पर गंभीर शिकायत: पत्रकारिता की आड़ में मानहानि, सांप्रदायिक गाली-गलौज और 50 लाख की अवैध वसूली का आरोप

IGRS जनसुनवाई पोर्टल पर गंभीर शिकायत: पत्रकारिता की आड़ में मानहानि, सांप्रदायिक गाली-गलौज और 50 लाख की अवैध वसूली का आरोप

शशिकांत मौर्य की आय, व्यवसाय व पत्रकारिता की वैधता की उच्चस्तरीय जांच की मांग

इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी

अवधेश कुमार गुप्ता की खास रिपोर्ट

जनपद सोनभद्र में पत्रकारिता की आड़ में कथित आपराधिक गतिविधियों का एक गंभीर मामला उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर दर्ज कराया गया है। ग्राम तकिया, पोस्ट सुकृत, थाना रॉबर्ट्सगंज निवासी इरशाद अहमद ने IGRS के माध्यम से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को शिकायत भेजकर स्वयं को पत्रकार बताने वाले शशिकांत मौर्य पर सोशल मीडिया के जरिए मानहानि, सांप्रदायिक अपमान, धमकी और अधिवक्ता के माध्यम से ₹50 लाख की अवैध वसूली का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

शिकायत में बताया गया है कि शशिकांत मौर्य पुत्र शिवशंकर मौर्य, निवासी ग्राम लोहरा, चौकी सुकृत, थाना रॉबर्ट्सगंज, लंबे समय से स्वयं को पत्रकार बताकर समाज, प्रशासन और आम जनता को गुमराह कर रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मामलों की जानकारी प्रशासन को दी जा चुकी है।

IGRS शिकायत में सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक अपमान का उल्लेख

जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार, शशिकांत मौर्य द्वारा फेसबुक एवं एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सोनभद्र पुलिस को टैग करते हुए शिकायतकर्ता और उसके परिवार को “आतंकवादी”, “हलाला की औलाद”, “नाजायज़ औलाद”, “पशु तस्कर” जैसे अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और सांप्रदायिक शब्दों से सार्वजनिक रूप से बदनाम किया गया। इससे शिकायतकर्ता की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची और मानसिक उत्पीड़न की स्थिति उत्पन्न हुई।

अधिवक्ता के जरिए 50 लाख रुपये की धमकी भरी मांग

IGRS पर दर्ज शिकायत में यह भी उल्लेख है कि शशिकांत मौर्य ने अपने अधिवक्ता रामचंद्र सिंह, एडवोकेट, जिला न्यायालय सोनभद्र के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाकर शिकायतकर्ता से या तो माफी मांगने अथवा ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) का भुगतान करने की धमकी दी। नोटिस में दावा किया गया कि बीते छह महीनों में उसे इतना आर्थिक नुकसान हुआ है।

IGRS शिकायत में बड़ा सवाल: 6 महीने में 50 लाख का नुकसान कैसे?

शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर यह गंभीर प्रश्न उठाया है कि शशिकांत मौर्य किस व्यवसाय, कंपनी या संस्था से जुड़ा है, जिससे मात्र छह महीनों में 50 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि यह मामला ब्लैकमेलिंग, धमकी, जबरन वसूली और पत्रकारिता की आड़ में अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।

आय, नेटवर्क और पत्रकारिता की निष्पक्ष जांच की मांग

IGRS के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि शशिकांत मौर्य के विरुद्ध दर्ज पुराने व वर्तमान आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि वह किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान से जुड़ा है या नहीं। आवश्यकता पड़ने पर उसकी आय के स्रोत, आर्थिक स्थिति और नेटवर्क की जांच ईओडब्ल्यू अथवा एसटीएफ से कराए जाने की मांग भी शिकायत में की गई है।

परिवार की सुरक्षा की मांग

शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर यह भी दर्ज कराया है कि उसे आशंका है कि शशिकांत मौर्य बदले की भावना से झूठे मुकदमे, सामाजिक बदनामी या शारीरिक एवं मानसिक नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रच सकता है। ऐसे में स्वयं व अपने परिवार की तत्काल सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की गई है।

बताया गया कि इस प्रकरण से संबंधित शिकायत पूर्व में भी IGRS पर दर्ज कराई गई है, जिसका कम्प्लेन नंबर 40020025008581 है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

जनसुनवाई पोर्टल IGRS पर दर्ज इस गंभीर शिकायत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कितनी शीघ्रता से मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करता है और क्या पत्रकारिता की आड़ में कथित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।


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