सह नोडल अधिकारी से आजीज होकर, नोडल अधिकारी ने दिया इस्तीफा,क्षेत्रों में तरह तरह की चर्चाएं चालू।

*सह नोडल अधिकारी से आजीज होकर, नोडल अधिकारी ने दिया इस्तीफा,क्षेत्रों में तरह तरह की चर्चाएं चालू*

सोनभद्र (विनोद मिश्रा/सेराज अहमद)

स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सह नोडल अधिकारी नियुक्त होने से स्वास्थ्य व्यवस्था हुई बेपटरी, तरह तरह की चर्चाएं तेज।
प्राप्त जानकारी अनुसार नोडल अधिकारी कीर्ति आजाद ने अपने नोडल अधिकारी पद पर काम न करने पर असमर्थता व्यक्त कर सी एम ओ को दिया पत्र।
प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के प्रयास के बावजूद जिले में कई निजी अस्पताल/क्लिनिक संचालक मरीजों का शोषण करना बंद नहीं कर रहे हैं। इन अस्पताल संचालकों की विभाग में पैठ इतनी तगड़ी है कि अगर कोई अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सोचता है भी तो ढाक के तीन पात वाली कहानी चरितार्थ होती है इस नाते जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी होने लगी है। वहीं नूतन पद सह नोडल अधिकारी और पटल सहायक के मनमानी से तंग आकर नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद ने निजी अस्पताल के पद से इस्तीफा दे दिया है, इससे महकमे में हड़कप मच गया है।
बतादें कि डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद 30 अक्टूबर 2025 से नोडल अधिकारी निजी अस्पताल का कार्यभार देख रहे थे।
सूत्रों की मानें तो नोडल अधिकारी ने कई अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल, क्लीनिक व पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ कार्रवाई भी की। यह बात स्वास्थ्य विभाग में तैनात कुछ कर्मियों को नागवार लगी और उनका मनोबल तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं नोडल अधिकारी को दरकिनार कर कार्य करना शुरू कर दिया। सह नोडल अधिकारी और पटल सहायक के मनमानी से तंग आकर नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद ने निजी अस्पताल के पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो डाक्टर कृति आजाद बिंद ने सीएमओ को दिए इस्तीफ़ा में लिखा है कि सह-नोडल अधिकारी तथा पटल सहायक द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के मनमाने ढंग से छापेमारी / कार्यवाही किया जा रहा है। छापेमारी, कार्यवाई की सूचना से भी न तो अवगत कराया जाता है न ही मेरे बुलाने पर मुझसे मुलाकात करते हैं।जबकि पत्रकारों द्वारा मुझसे लगातार कार्यवाही के बारे में पूछे जाने पर मैं जवाब देने पर असमर्थ रहता हूँ। इसके अलावा और भी बहुत सी समस्याएं है जिसके कारण मैं इस पद पर रहना अपने आपको उचित नहीं समझता हूँ, इसलिए निवेदन है, कि उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए मुझे नोडल अधिकारी निजी अस्पताल के पद से कार्यमुक्त करने की कृपा करें। उन्होंने आगे लिखा है कि शेष कार्य अपने पूरी क्षमता से कार्य करता रहूँगा। उधर नोडल अधिकारी के इस्तीफा देने से स्वास्थ्य महकमें में खलबली मच गई है। आमजन में भी तरह तरह की चर्चाएं तेज हो गई है। लोगों की बातों पर गौर करें तो स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से तैनात कुछ कर्मी महकमे को अपने हिसाब से चला रहे हैं, इसकी जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी।
उधर डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद ने भी इस्तीफा देने की पुष्टि की है।


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