
*गायत्री महायज्ञ में विविध संस्कारों के साथ आदिवासी कन्याओं का हुआ भव्य विवाह समारोह*
*गायत्री महायज्ञ में विविध संस्कारों के साथ आदिवासी कन्याओं का हुआ भव्य विवाह समारोह*
•~ जिसका सारा गृह ऋणी हो,वही गृहिणी है – श्रीमती ऊषा शर्मा
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र।अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित १२ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं शताब्दी समारोह के तृतीय और चतुर्थ दिवस में दीक्षारंभ,यज्ञोपवीत, विद्यारंभ,नामकरण,जन्मदिन एवं विवाह संस्कारों का आयोजन किया गया। प्रातः कालीन सत्र में कई पालियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्यक्ति,समाज,राष्ट्र कल्याण, पर्यावरण शुद्धि और विश्व शांति हेतु गायत्री महामंत्र और विशिष्ट मंत्रों के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियाँ समर्पित कीं।मुख्य यजमान ओबरा तापीय परियोजना के महाप्रबंधक इंजीनियर सोमनाथ मिश्र ने सपत्नीक देवमंच,सर्वतोभद्र वेदिका पूजन और आरती किया। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आर के अग्रवाल ने देवमंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर सायंकालीन ज्ञान सत्र का शुभारंभ किया। गायत्री महायज्ञ एवं शताब्दी समारोह की टोली प्रमुख श्रीमती ऊषा शर्मा ने गुरु की महत्ता एवं संस्कार परंपरा और नारियों की गरिमा के महत्व पर अपने प्रवचन में कहा कि-“दीक्षा के माध्यम से गुरु शिष्य में अपने तप का एक अंश नियोजित करता है। मंत्रों की शक्ति बड़ी प्रचंड होती है।” गुरु वशिष्ठ और राम-लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि “भगवान को भी दिशा देने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है।ऋषि ब्रह्मांड की कुंडली को जगाने का कार्य करते हैं।यज्ञ से बचे हुए पदार्थों का भोग करने वाले पापमुक्त हो जाते हैं।” स्त्री के महत्व पर उन्होंने बताया कि “जिसका सारा गृह ऋणी हो, वही गृहिणी है।” शांतिकुंज हरिद्वार से आए संगीतकार सरोज पाण्डेय ने एक से बढ़कर एक भजन और गीतगायन से यज्ञ कर्मकाण्ड को भव्यता प्रदान की। ज्ञान सत्र में देवमंच पर प्रसिद्ध तबलवाचक पण्डित रामनरेश मिश्र ने अपने अद्भुत तबला वादन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। बाल कलाकार श्लोक देव पाण्डेय ने शास्त्रीय गायन किया और तबले पर उनकी संगत दी युग देव पाण्डेय ने। प्रसिद्ध श्याम भक्ति
गायक दीपक पाण्डेय ने अपने सुमधुर भजनों से सबको भाव विभोर कर दिया।गायक मनोज दुबे ने सह गायन में साथ दिया।तबले पर उनकी संगत दी उत्तम कुमार ने।आदिवासी कन्याओं के विवाहोपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने नव विवाहित दम्पत्तियों को उपहार एवं आशीर्वाद प्रदान किया।साथ ही इस शुभ विवाह में किन्नरों ने नृत्य कर असीम आशीर्वाद प्रदान किया।इस अवसर पर विहिप के पूर्वी उत्तर प्रदेश के सत्संग प्रमुख दिवाकर तिवारी ने गायत्री परिवार की युग निर्माण की भूमिका पर ओजस्वी उद्बोधन दिया। इस दौरान श्रीप्रकाश गिरि,रमेश सिंह
यादव,दुर्गावती देवी,देव प्रकाश मौर्य,प्रदीप जायसवाल,डी डी गुप्ता,डॉ०आर के गुप्ता, नरेंद्र नीरव,अमरेश चंद्र पांडे,संतोष दूबे,वंदना,मोहन मिश्र,लवकेश प्रजापति,लल्लू दूबे, वी एन पाण्डेय,गुड्डू सिंह आदि उपस्थित रहे।गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी मनमोहन शुक्ल ने सभी कलाकारों और श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र आभार प्रकट किया।











