*संभव नहीं शिक्षा के बिना सम्मान तथा विकास -सूरज सिंह यादव*

*संभव नहीं शिक्षा के बिना सम्मान तथा विकास -सूरज सिंह यादव*
•~ कम्पोजिट विद्यालय चकरिया में आयोजित वार्षिकोत्सव,विदाई समारोह मे बच्चों ने बिखेरा जलवा
•~ज्ञान का दर्पण है शिक्षा- सरिता तिवारी
•~ बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्र- छात्राएं हुए पुरस्कृत

*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र। रावर्ट्सगंज विकासखंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत स्थित कम्पोजिट विद्यालय चकरिया में बड़े ही धूमधाम के साथ उत्तीर्ण छात्र -छात्राओं का विदाई समारोह, वार्षिकोत्सव मनाया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सूरज सिंह यादव रहे।आयोजित कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाध्यापिका सरिता तिवारी के नेतृत्व में हुआ।आगंतुक अतिथियों के आगमन पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उनका जोरदार भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।इसके बाद प्रधानाध्यापिका सरिता तिवारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया।सर्वप्रथम हवन- पूजन कर शिक्षा के साथ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए आह्वान किया गया तत्पश्चात बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।सांस्कृतिक एवं खेल-कूद आदि प्रतियोगिताओं व परीक्षाओं के साथ ही विद्यालय में बेहतर प्रदर्शन करने व शत- प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को उत्साहवर्धन के लिए पाठ्य सामग्री प्रदान कर पुरस्कृत भी किया गया।विद्यालय समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग मंत्र मुग्ध हो भूरी-भूरी प्रशंसा व्यक्त किये। इस दौरान बच्चों को रुचिकर भोजन एवं खीर,फल तथा आगंतुक अतिथियों को विशेष जलपान का प्रबंध किया गया था।
मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सूरज सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा हीविकास की कुंजी है और इसके बिना सम्मान तथा विकास संभव नहीं है।उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया और शिक्षकों से निष्ठापूर्वक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। प्रधानाध्यापिका सरिता तिवारी ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का दर्पण है।उन्होंने इस ज्ञान के दीपक को प्रज्वलित रखने में अभिभावकों और शिक्षकों दोनों की जिम्मेदारी पर जोर दिया।उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए भी प्रेरित किया।इस अवसर अध्यापिका प्रमिला ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जो बच्चे मन लगाकर निष्ठा के साथ पढ़ेंगे वही आगे बढ़ेंगे‌।यह तभी संभव है जब बच्चे नियमित स्कूल पहुंच अनुशासन के साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे ।प्रधानाध्यापिका ने भी बच्चों तथा अभिभावकों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया।विद्यालय के प्रधानाध्यापिका ने अतिथियों के प्रति जहां आभार व्यक्त करते हुए आगामी सत्र मे शत-प्रतिशत नामांकन और बच्चों के नियमित उपस्थिति हेतु प्रेरित किया गया।वही संचालन अध्यापक प्रमोद कुमार ने किया।इस मौके पर प्रमोद कुमार, सुनीता,प्रमिला,शशिकला आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित अभिभावक अशोक कुमार,विकास कुमार,उषा देवी,शकुंतला,शिवकुमारी सुनीता समेत अनेकों गणमान्य प्रबुद्ध बुद्धिजीवी नागरिक मौजूद रहे।


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