
रेणुकूट मौत के मुंह से बाहर आई गौ माता; पुलिस और टीम निशा बबलू सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल
रेणुकूट मौत के मुंह से बाहर आई गौ माता; पुलिस और टीम निशा बबलू सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल
सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )
रेणुकूट / उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर रेणुकूट में कल शाम जीव-दया का एक ऐसा उदाहरण देखने को मिला, जिसने समाज के प्रति सेवा और संवेदना की भावना को और मजबूत कर दिया है। पिछले दो दिनों से नाले में फंसी और अचेत हो चुकी एक गौ माता को स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित बचा लिया गया। घटना विवेकानंद कॉलोनी के पीछे स्थित एक गहरे नाले की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक बेसहारा गौ माता अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई थी। गहरे गड्ढे और कीचड़ में फंसे होने के कारण वह बाहर निकलने में असमर्थ थी। बिना अन्न-जल के दो दिन बीत जाने के कारण उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी और वह अचेत अवस्था में पहुंच चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी 112 की टीम ने तत्काल स्थानीय समाजसेवी और टीम निशा बबलू सिंह से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही डब्लू सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।नाला गहरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम के सदस्यों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से गौ माता को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। रेस्क्यू के तुरंत बाद गौ माता को प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें पानी पिलाने के साथ-साथ आवश्यक दवाएं दी गईं। साथ ही, उचित पोषण के लिए चोकर और भूसे का प्रबंध किया गया। रेस्क्यू के बाद डब्लू सिंह ने भावुक होते हुए कहा जब हमें पुलिस प्रशासन से कॉल आया, तब हमें लगा कि समय बहुत कम है। जीव सेवा ही हमारे लिए शिव सेवा है। प्रभु की कृपा और टीम के सहयोग से हम गौ माता के प्राण बचाने में सफल रहे। यह हमारा कर्तव्य है। इस नेक कार्य की खबर जैसे ही रेणुकूट नगर में फैली, चारों ओर डब्लू सिंह और उनकी टीम की प्रशंसा होने लगी। लोगों का कहना है कि पुलिस और आम जनता के बीच ऐसा समन्वय ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है।यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमारे आसपास के बेजुबान प्राणी भी हमारी संवेदनाओं के हकदार हैं।











