
खबर का असर -*गुरमा जिला जेल मारकुंडी मीनाबाजार मुख्य सम्पर्क मार्ग पर अतिक्रमणकारियों ने स्वयं बीड़ा उठा किया अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारंभ*
खबर का असर -*गुरमा जिला जेल मारकुंडी मीनाबाजार मुख्य सम्पर्क मार्ग पर अतिक्रमणकारियों ने स्वयं बीड़ा उठा किया अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रारंभ*
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र ।चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा पुलिस चौकी अन्तर्गत गुरमा मारकुंडी जिला जेल मुख्यमार्ग स्थित मीनाबाजार घाघर नदी पुल काफी जीर्णशीर्ण क्षतिग्रस्त होने के पश्चात नया पुल के निर्माण के पूर्व विभाग द्वारा वैकल्पिक सम्पर्क मार्ग घाघर नदी से मारकुंडी मीनाबाजार होते हुए गुरमा जिला जेल सम्पर्क मार्ग से तो जोड़ दिया गया था लेकिन मीना बाजार का सम्पूर्ण सम्पर्क मार्ग पर स्थानीय व्यवसायियों द्वारा जबरदस्त अतिक्रमण कर मार्ग को काफी सकरा कर दिया गया था। इसको इंडिया न्यूज़ लाईव टीवी ने प्रमुखता से अपने चैनल पर प्रकाशित किया था lजो जिला जेल समेत बड़े छोटे वाहनों को लेकर प्रतिदिन घंटों जाम की विकट समस्याओं से आमजनमानस को जुझना पड़ रहा था जिसकी शिकायत जेल प्रशासन समेत ग्रामीणों ने भी उठाई थी।इतना ही नहीं जिला जेल गुरमा के त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक,जिला मुख्य विकास अधिकारी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुमित न्यायिक अधिकारियों की वाहन वापस लौटते समय मीना बाजार में जाम के भीषण जाम में फंस गए जबकि जिला जेल के कैदियों की वहां आए दिनजाम में फसती रहती हैं ,इसके पश्चात संबंधित विभाग एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से सड़क की नपाई कर व्यवसायियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दिया गया था।इसके पश्चात भी कुछ व्यवसायी नहीं मान रहे थे।तत्पश्चात गुरमा पुलिस चौकी प्रभारी अतुल कुमार पटेल अपने दलबल के साथ मीनाबाजार अतिक्रमण किये व्यवसायियों से इस समस्या के संबंध में पहल की और चौकी इंचार्ज की पहल रंग लायी।
अतिक्रमणकारियों ने चौकी इंचार्ज गुरमा के बातों से सहमत हो स्वयं बीड़ा उठाकर व्यवसायियों ने अपना अपना अतिक्रमण हटाना प्रारंभ कर दिया है। जिससे आवागमन को लेकर आम जनमानस को राहत मिलना शुरु हो गया है।गुरमा चौकी प्रभारी अतुल कुमार पटेल के इस सराहनीय कार्य की लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए भूरी- भूरी प्रशंसा व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि निर्धारित समयानुसार अतिक्रमण कारी यदि स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो उनके विरुद्ध उचित दंडनात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी,जिसके लिए अतिक्रमण कारियों स्वयं जिम्मेदार होंगे।











