
*सोनभद्र जिला जेल मुख्य मार्ग स्थित मीना बाजार घाघर पुल नवनिर्माण कार्य का ग्रामप्रधान संग ग्रामीणों ने किया विरोध-प्रदर्शन*
*सोनभद्र जिला जेल मुख्य मार्ग स्थित मीना बाजार घाघर पुल नवनिर्माण कार्य का ग्रामप्रधान संग ग्रामीणों ने किया विरोध-प्रदर्शन*
•~लगभग 432,02 करोड़ की लागत से बन रही घाघर पुल बरसात के पूर्व बनने पर लगा प्रश्न चिंह
•~ तकरीबन 5 माह से चल रहे निर्माण कार्य में तीव्र गति से नहीं हुई तो मुख्यालय पर प्रदर्शन करने की दी गई चेतावनी
•~धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य 5 माह के पश्चात भी जमीन से सरिया नहीं हुई खड़ी
•~जनमानस में आक्रोश,सम्बन्धित विभाग,जिम्मेदार अफसर भी बने मौन
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा चौकी अन्तर्गत सोनभद्र जिला जेल के मुख्य संपर्क मार्ग मारकुंडी ग्राम पंचायत के मीना बाजार स्थित घाघर नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य अत्यंत धीमी गति से चलने के कारण क्षेत्रीय लोगों में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। घाघरा नदी पर बना रहे पुल के नवनिर्माण को लेकर शनिवार की दोपहर ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह यादव के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन व्यक्त किया है।लगभग पांच माह पूर्व शुरू हुए इस पुल का निर्माण कार्य की प्रगति इतनी धीमी है कि अब तक पुल में सरिया तक खड़ी नहीं हो सकी है।निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार को लेकर स्थानीय नागरिकों,राहगीरों एवं व्यापारियों समेत प्रबुद्ध बुद्धजीवियों में काफी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग मारकुंडी,जिला जेल, मीनाबाजार, छिनरपोछा,बनलही,सातनंबर,पेडरहवा,
कुशहिया,धौराडीह,चिरुई,मडकुडी,लौवा, मकरीबारी,अकेलवा,रुदौली समेत कई गांवों और बस्तियों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है,जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन तथा आम नागरिकों के साथ ही साथ जनपद के उच्चाधिकारियों के अलावा न्यायिक अधिकारियों का भी आवागमन होता है।पुल निर्माण के चलते विभाग द्वारा घाघर नदी में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग मीना बाजार से तो बनाया गया है,लेकिन बरसात शुरू होते ही नदी में बाढ़ के समय में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव होने पर यह वैकल्पिक मार्ग बह सकता है।यदि समय रहते पुल निर्माण पूरा नहीं हुआ तो पूरा संपर्क मार्ग बाधित हो जाएगा,जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग द्वारा कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।कई बार शिकायत और मांग किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य की गति में कोई सुधार नहीं हुआ।लोगों का कहना है कि बरसात नजदीक है,ऐसे में यदि शीघ्र निर्माण कार्य में तेजी
नहीं लाई गई तो स्थिति और भी गंभीर भयावह हो सकती है।
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से अविलंब ही मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है।लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी।इस संबंध में संबंधित विभागीय जेई से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन घंटी जाने के बावजूद इसके फोन रिसीव नहीं किया गया तथा न ही उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया ही व्यक्त की गयी। इस संबंध में क्षेत्र के सुरेंद्र यादव,शिवकेदार गुप्ता,राम विलास यादव,गोविंद भारती,राम
किशन,लालजी,अमरनाथ पनिका, मसालू गिरी,देवराज,इन्द्रकुमार,बच्चा सिंह,श्यामसुंदर,रामनाथ,गंगा,सुनील यादव,प्रदीप यादव,अंकुश पटेल, कलुई देवी,फुलकुमारी,कौशल्या देवी,रूनवा देवी इत्यादि लोगों ने अविलंब ही मीनाबाजार घाघर नदी पुल का निर्माण शीघ्रता शीघ्र कराए जाने की मांग की है। जिससे कि आवागमन सुधार सुचारू रूप से बहस हो सके तथा जाम और अतिक्रमण की समस्या से निजात मिल सके।











