
*गुरमा में मेहंदी की रस्म के दौरान बवाल: जेलर के चहेतो ने मेहंदी के रस्म के दौरान किया महिलाओं के साथ छेड़खानी का लगाया आरोप*
*गुरमा में मेहंदी की रस्म के दौरान बवाल: जेलर के चहेतो ने मेहंदी के रस्म के दौरान किया महिलाओं के साथ छेड़खानी का लगाया आरोप*
•~ पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही दूल्हे और रिश्तेदारों को ही थाने में बैठाया*
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।चोपन थाना क्षेत्र गुरमा चौकी अंतर्गत गुरमा कॉलोनी के वार्ड नंबर 9 में रविवार की देर रात्रि एक वैवाहिक शादी समारोह की खुशियां उस समय तनाव,हंगामे एवं चीख पुकार में बदल गईं,जब गुरमा स्थित सोनभद्र जिला जेल के जेलर के चहेते तथा उनके सहयोगी मित्र गुरमा निवासी रामजीत मौर्य के पुत्र अजय कुमार उर्फ कल्लू के वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान 24 मई 2026 दिन रविवार की देर रात्रि तकरीबन 11:00 बजे आयोजित मेहंदी रस्म(भत्तवान) के दौरान घर तथा आसपास की महिलाएं,युवतियां नाच गाना एवं मांगलिक कार्यक्रम में व्यस्त थी तथा रिश्तेदार व मेहमान तथा आसपास पड़ोस के लोग भोजन कर रहे थे कि तभी गुर्मा की तरफ से सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन संख्या यू.पी. 25 सी.क्यू./64 29 जिस पर हूटर एवं लाल नीली बत्ती लगी थी आई और उसमें सवार उक्त लोग छेड़खानी तथा अभद्रता करने लगने आरोप लगाया गया है।हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में कार्रवाई करने के बजाय चोपन पुलिस ने रात्रि में हीपीड़ित पक्ष के दूल्हे और उसके दो रिश्तेदारों को ही थाने में बैठा लिया।इस कार्रवाई के बाद से पूरे गुरमा कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में आक्रोश उबल रहा है और प्रशासन तथा गुरमा जेल के जेलर के चहेतों के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं?
*क्या है पूरा प्रकरण?*
*सायरन वाली गाड़ी से हुआ विवाद:* प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो, बीती देर रात्रि तकरीबन 11:00 बजे गुरमा स्थित मौर्या परिवार के घर में विवाह उत्सव के अंतर्गत मेहंदी की रस्म चल रही थी।इसी दौरान हुटर लगी एक तेज रफ्तार गाड़ी सायरन बजाते हुए वहां से गुजरी।आरोप है कि लाल नीली व हूटर लगी वाहन ने कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति को टक्कर मार दी और आगे निकल गई। विश्वस्त सूत्रों एवं मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक उक्त वाहन गुरमा जेल उच्चाधिकारी की थी।उस समय किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया।
*देर रात्रि महिलाओं से छेड़खानी का आरोप:* मामला अभी शांत ही हुआ था कि रात लगभग 11:30 बजे पुनः उक्त वाहन दोबारा कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।उस समय घर की महिलाएं पारंपरिक गीतों पर नाच-गा रही थीं।आरोप है कि गाड़ी से उतरे जेलर के साले और उनके साथ आए कुछ अन्य युवकों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और खींचातानी शुरू कर दी।महिलाओं के विरोध करने पर विवाद अत्यधिक बढ़ गया और मौके पर भारी बवाल खड़ा हो गया।
*प्रशासन के रवैये से जनता में तीव्र आक्रोश*
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि:
“मारपीट,छेड़खानी और बवाल करने वाले जेलर के रसूखदार परिवार के किसी भी सदस्य को पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाना तक मुनासिब नहीं समझा। बावजूद इसके उलटे,जिसके घर में 25 में 2026 दिन सोमवार को शुभ विवाह का कार्यक्र मे शहनाइयां बजनी थीं, उस पीड़ित परिवार के दूल्हे और उसके ही दो रिश्तेदारों को ही चोपन थाने लाकर बैठा दिया गया।”
*खुशियों का माहौल तनाव, हंगामा तथा चीख-पुकार के साथ ही विवाद, परेशानियों में बदला*
पुलिस की इस एक तरफा और कथित लापरवाहीपूर्ण कार्रवाई से पूरे गुरमा क्षेत्र में माहौल बेहद गरमाया हुआ है।आज जिस घर से दूल्हे की बारात शान से निकलनी थी,वहां का माहौल पुलिसिया कार्रवाई के कारण तनाव और अनिश्चितता में डूबा हुआ है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि रसूखदारों के दबाव में की गई इस कार्रवाई से खाकी पर से आम जनता का भरोसा उठता जा रहा है।
इस संवेदनशील मामले में अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी दखल देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हैं या रसूख के आगे कानून यूं ही बेबस नजर आएगा।
पीड़ित परिजन के लोग तथा गांव के कुछ सम्भ्रांत नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र से इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है ताकि न्याय संगत हो सके।











