*राम अनुज धर द्विवेदी हरिद्वार मे दिव्य गंगा सेवी सम्मान से हुए सम्मानित,

*राम अनुज धर द्विवेदी हरिद्वार मे दिव्य गंगा सेवी सम्मान से हुए सम्मानित,

दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुम्भ हरिद्वार के कार्यक्रम मे किया गया सम्मानित*

सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )

जिले के घोरावल तहसील क्षेत्र के महुआंव पाण्डेय गांव निवासी राम अनुज धर द्विवेदी को हरिद्वार में एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। बताते चलें कि दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार द्वारा आयोजित द्वितीय अन्तर्राष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुम्भ का भव्य आयोजन दो दिवसीय हरिद्वार में संपन्न हुआ। महोत्सव में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, कवियों, समाजसेवियों पत्रकारों एवं गंगा संरक्षण से जुड़े लोगों ने सहभागिता किया। एवं मां गंगे के बारे में अपने अपने शोध पत्र को पढ़ा।
इस कार्यक्रम में तमाम लोगों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सोनभद्र जिले से कार्यक्रम में शामिल होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता, पत्रकार, समाजसेवी राम अनुज धर द्विवेदी जो पूर्व अध्यक्ष तहसील अधिवक्ता समिति घोरावल सोनभद्र के साथ साथ तमाम पदों पर रह चुके हैं । इसलिए उनके कार्य लगन निष्ठा के कारण तमाम संगठनों द्वारा समय समय पर सम्मानित किया जाता रहा है। श्री द्विवेदी को साहित्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार की ओर से दो प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत कर सम्मानित किया गया। दोनों सम्मान में “दिव्य गंगा सेवी सम्मान–2026” तथा “टी.जी.टी. साहित्य भूषण सम्मान–2026” प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक केशव पाण्डेय, राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश दूबे, के अलावा आचार्य धीरज द्विवेदी, इन्द्रेश शर्मा, मंजूल चतुर्वेदी,शिवनाथ सिंह, अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शालिनी रस्तोगी आदि के साथ इस कार्यक्रम के राष्ट्रीय समन्वयक डा शिवेश्वर दत्त पाण्डेय है। जिनके द्वारा इस कार्यक्रम की नींव रख ग‌ई।
महोत्सव में मदन कौशिक , कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके सान्निध्य में साहित्य, संस्कृति, गंगा संरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक विमर्श हुआ।

सम्मान प्राप्त होने पर राम अनुज धर द्विवेदी एडवोकेट ने दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार के पदाधिकारियों एवं आयोजक मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत गौरव का विषय नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति, समाज और मां गंगा की सेवा के प्रति और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। आगे श्री द्विवेदी ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सनातन, संस्कृति, आस्था और जीवनधारा का प्रतीक है। कार्यक्रम बहुत ही दिव्य ऐतिहासिक व सफल रहा। जिसमें दर्जन भर कुलपति, प्रोफेसर,संत, महात्मा, के साथ साथ उच्च कोटि के विद्वानों,लेखकों, रचनाकार, साहित्य कार आदि कार्यक्रम में चार चांद लगा रहे थे।
द्वितीय अन्तर्राष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुम्भ ने साहित्य, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक चेतना को एक मंच पर जोड़ते हुए हरिद्वार की पावन धरती से एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी संदेश दिया। इस अवसर पर मंजूल, हिमांशु,इन्द्रेश, के अलावा पवन कुमार सिंह,इन्द्रजीत तिवारी के अलावा नेपाल के साथ साथ देश के तमाम राज्यों से सैकड़ों कवि व कवयित्री कार्यक्रम में भाग लिया।


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