
*सुबह निर्धारित समय से देर तक बंद मिला उच्च प्राथमिक विद्यालय फुलवार, सड़क पर खड़े रहे बच्चे*
*सुबह निर्धारित समय से देर तक बंद मिला उच्च प्राथमिक विद्यालय फुलवार, सड़क पर खड़े रहे बच्चे*
•~ ग्रामीणों ने शिक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप
•~ देर से स्कूल पहुंचने पर सवाल पूछने पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप, BSA से जांच व कार्रवाई किए जाने की मांग
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र। विकासखंड दुद्धी के ग्राम सभा फुलवार स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय फुलवार (सुई चट्टान) में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा 31 अगस्त 2026 को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सुबह 08:24 बजे तक विद्यालय बंद मिलने का दावा किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय के बाहर कई बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। मौके से GPS फोटो एवं वीडियो साक्ष्य होने का भी दावा किया गया है।बताया गया कि GPS रिकॉर्ड के अनुसार स्थान सुई चट्टान, उत्तर प्रदेश तथा समय 08:24 AM दर्ज था।निरीक्षण के दौरान संतोष कुमार विश्वकर्मा, प्रेम शंकर यादव, उपेंद्र राव,सूर्याभारती, विकास चौधरी, सूर्य कुमार सहित दर्जनों ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके मौके पर पहुंचने के बाद लगभग 08:30 बजे शिक्षिका श्रीमती सुषमा स्वराज शर्मा विद्यालय पहुंचीं। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनसे विद्यालय देर से आने के संबंध में सवाल किया गया तो शिक्षिका ने कथित तौर पर अभद्र भाषा में जवाब दिया कि “तुम्हारा यही काम है, तुम यही करोगे।”ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षिका के नियमित रूप से देर से आने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी वीडियो बनाकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।मामले को लेकर ग्रामवासियों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विद्यालय खुलने के समय बच्चे सड़क पर खड़े होकर इंतजार करें, तो उनकी सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
ग्राम सभा फुलवार के ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), सोनभद्र से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बच्चों की नियमित पढ़ाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है।“मामले की जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
*खबर में लगाए गए आरोप ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित शिक्षिका एवं शिक्षा विभाग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।*











