
*“हादसे का इंतजार या प्रशासनिक चूक?मालवाहक वाहनों से हो रही श्रमिकों की ढुलाई”*
*“हादसे का इंतजार या प्रशासनिक चूक?मालवाहक वाहनों से हो रही श्रमिकों की ढुलाई”*
बीजपुर/सोनभद्र (संदीप राय )
रिहंद परियोजना में ओवरहालिंग कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि विभिन्न ठेका कंपनियों द्वारा श्रमिकों को माल ढोने वाले वाहनों में बैठाकर प्लांट गेट तक लाया-ले जाया जा रहा है। वाहनों में श्रमिकों को क्षमता से अधिक बैठाए जाने की तस्वीरें और शिकायतें सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।जबकि एनटीपीसी प्रबन्धन द्वारा सख्त निर्देश है कि परियोजना के श्रमिकों को लाने ,ले जाने के लिए सिर्फ टैक्सी परमिट प्राप्त यात्री वाहनों का ही उपयोग करना है बावजूद कुछ कंपनियां मनमानी तरीके से मालवाहक वाहनों से श्रमिकों की ढुलाई करवा रही हैंसबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्लांट जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस थाना व निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ सीआईएसएफ की भी तैनाती रहती है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि सुरक्षा चौकियों और निगरानी व्यवस्था के बावजूद ऐसे वाहनों का संचालन कैसे हो रहा है। यदि शिकायतें सही हैं तो यह सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। और कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है
*स्कूली बच्चों की आवाजाही के समय बढ़ता खतरा*
टाउनशिप क्षेत्र में जिस समय स्कूली बच्चों की आवाजाही रहती है, उसी दौरान श्रमिकों से भरे मालवाहक वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि श्रमिकों को असुरक्षित तरीके से ढोने के साथ-साथ तेज रफ्तार वाहनों का संचालन आम लोगों और बच्चों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
*नियमों के पालन पर उठे सवाल*
मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ले जाने की अनुमति और संबंधित परिवहन नियमों का पालन किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना जैसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के परिवहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और अधिकृत यात्री वाहनों का ही इस्तेमाल होना चाहिए।
*जांच और कार्रवाई की मांग*
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और श्रमिकों ने एनटीपीसी प्रबंधन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सुरक्षा चौकियों पर तैनात कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और यदि किसी ठेका कंपनी द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों ने मांग की है कि श्रमिकों के आवागमन के लिए केवल अधिकृत यात्री बसों या सुरक्षित यात्री वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले ही बचाव किया जा सके।











