
*सेवा, स्वच्छता और समर्पण से ही सशक्त समाज का निर्माण : एनएसएस*
*सेवा, स्वच्छता और समर्पण से ही सशक्त समाज का निर्माण : एनएसएस*
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर सोनभद्र में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना दिवस के अवसर पर एनएसएस की इकाई-दो एवं तीन के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता अभियान एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों इकाइयों के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए श्रमदान किया। इसके उपरांत राष्ट्रीय सेवा योजना की मूल भावना, उद्देश्य एवं सामाजिक सरोकारों को लेकर बौद्धिक चर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना ऐसा मंच है, जिसके माध्यम से स्वयंसेवक सेवा कार्यों से जुड़कर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकता हैविश्वविद्यालय परिसर के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं प्रथम कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मानिक चंद पांडेय ने स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना की मूल भावना से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य समाज के लोगों के साथ मिलकर विकास को नई गति प्रदान करना है। इसके मूल में ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ की भावना निहित है। युवा जब समाज से जुड़कर कार्य करता है, तभी उसके भीतर समाज और राष्ट्र के प्रति गौरव एवं जिम्मेदारी का भाव मजबूत होता है।डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों को नियमित रूप से शिविर एवं सेवा गतिविधियों में सहभागिता करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक भावना के साथ समाज के लिए कार्य करने का आह्वान किया।स्वयंसेविका अंशिका सिंह मल्ल ने राष्ट्रीय सेवा योजना को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व उन्नयन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य
करने से स्वयंसेवक अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकता है।कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार पांडेय ने कार्यक्रम की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर 1969 को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ समाज सेवा से जोड़ना था, जिसे एनएसएस लगातार आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. निशा सिंह, प्रशांत कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अविनाश कुमार दुबे, श्रीमती अजय लक्ष्मी सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष जायसवाल, विकास कुमार चौबे, महक सिंह, तनु, साधना प्रजापति, नागेश, मुस्कान शर्मा आदि की भूमिका सराहनीय रही।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।











