*विद्यालयो में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस*

*विद्यालयो में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस*
•-छात्र-छात्राओं ने सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं को माल्यार्पण कर तथा टीका लगाकर लिया आशीर्वाद
•-शिक्षा ही राष्ट्र के निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ
•-ग्रिटिंग कार्ड, उपहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत

✨ अवधेश कुमार गुप्ता
गुरमा-सोनभद्र। सदर विकासखंड के अंतर्गत गुरमा,मारकुंडी,सलखन, पटवध स्थित प्राथमिक पाठशालाओं, कंपोजिट विद्यालयों तथा हाई स्कूल इंटरमीडिएट के विद्यालयों में गुरुवार को विद्वान, दार्शनिक तथा भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस के अवसर पर शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बताते हैं कि 5 सितंबर को ईद-ए- मिलाद-उन-नबी के उपलक्ष में अवकाश घोषित होने के कारण 4 सितंबर गुरुवार को ही विद्यालय एवं कॉलेज में शिक्षक दिवस मनाया गया।सर्वप्रथम विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्याओ ने डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर तिलक लगाकर तथा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। बच्चों ने सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं को माल्यार्पण कर तथा टीका लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य, संगीत सहित विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति की। विद्यालय में उपस्थित वक्ताओं ने अपने वक्तव्य में बच्चों को भविष्य में डॉ0 राधाकृष्णन जी के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने कहा कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान दार्शनिक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। सन् 1962 में जब उन्होंने राष्ट्रपति पद का पदभार संभाला तो उनके छात्रों ने उनके जन्मदिन को विशेष तरीके से मनाने की अनुमति मांगी। डॉ राधाकृष्णन ने कहा कि उन्हें उनका जन्मदिन एक साथ मनाने की कोई आवश्यकता नहीं है बल्कि वे समाज में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को पहचानने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाए। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों को देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाला होना चाहिए और शिक्षा ही राष्ट्र के निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
*शिक्षक दिवस का महत्व*
यह दिन शिक्षकों के प्रति छात्रों और समाज के सम्मान और कृतज्ञता को व्यक्त करने का एक अवसर है।छात्र स्कूलों और कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिनमें वरिष्ठ छात्र कक्षाओं का कार्यभार संभालते हैं और शिक्षकों के लिए ग्रिटिंग कार्ड, उपहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।यह दिन छात्रों को शिक्षा के मूल्य और उनके जीवन में शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान की याद दिलाता है।शिक्षक एक दीपक की तरह होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन में रोशनी फैलाते हैं। इस मौके पर प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या ने सभी शिक्षक– शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सरिता तिवारी, प्रमिला, सुनीता,आंगनबाड़ी प्रभारी प्रियंका, ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव समेत तमाम ग्रामीण अभिभावक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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