
बाबा भूतेश्वर दरबार महारुद्र सेवा समिति के अध्यक्ष बनाये गये अजीत कुमार सिंह
बाबा भूतेश्वर दरबार महारुद्र सेवा समिति के अध्यक्ष बनाये गये अजीत कुमार सिंह
सोनभद्र (विनोद मिश्रा/सेराज अहमद)
ओबरा के बाबा भूतेश्वर दरबार महारुद्र सेवा समिति में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें अजीत कुमार सिंह को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही, उषा शर्मा को महिला टीम की अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह निर्णय आगामी नवरात्र और छठ पर्व 2025 के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
*मंदिर समिति का पुनर्गठन*
समिति की बैठक में सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने मिलकर यह फैसला लिया। नई टीम आगामी सभी धार्मिक त्योहारों और आयोजनों का नेतृत्व करेगी। नए पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है। मुख्य संरक्षक अरविंद सिंह,संरक्षक रामसमुझ सिंह, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार पांडे, कार्यकारिणी सदस्य (पूर्व अध्यक्ष) रणजीत तिवारी, अनिल कुमार विश्वकर्मा, विनोद तिवारी, संजय सिंह, अशोक जायसवाल, कृष्णकांत दुबे, सर्वेश दुबे।
मीडिया का प्रभार संभालने वाले पत्रकारों में चंद्रजीत सिंह, महेश अग्रहरी, कैलाश, राजू, विजय साहनी, धर्मेंद्र कुमार दुबे, अरविंद कुशवाहा, संतोष साहनी, छवि साहनी, और कैलाश बिहारी शामिल हैं।
*महिला टीम को भी मिली जिम्मेदारी*
समिति में महिला सदस्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए एक अलग महिला टीम का भी गठन किया गया है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इन सभी सदस्यों को सम्मानित कर उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। महिला टीम की पदाधिकारी इस प्रकार हैं।अध्यक्ष उषा शर्मा, उपाध्यक्ष पुष्पा दुबे, कोषाध्यक्ष ममता श्रीवास्तव,सचिव संजीता सिंह,उपसचिव सरिता सिंह,महामंत्री बीना पांडे,संगठन मंत्री अलका सक्सेना, इसके अलावा, कार्यकारिणी सदस्य के रूप में संजू श्रीवास्तव, सुषमा कुशवाहा, निर्मला सक्सेना, प्रमिला विश्वकर्मा, सुधा, गीता, गुंजा, सोनी, कंचन, सुमन झा, मीता चौबे, सीमा और फूलमती भी शामिल हैं।
*बाबा भूतेश्वर दरबार का इतिहास और महत्व*
समिति के प्रबंधक ने बताया कि यह संस्था पिछले 25 वर्षों से ओबरा क्षेत्र में बाबा भूतेश्वर दरबार की सेवा कर रही है। इसका मुख्य कार्य साधु-संतों की सेवा करना, भक्तों का सम्मान करना और मंदिर परिसर की साफ-सफाई बनाए रखना है। इस दरबार को ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 श्री शिवदास जी महाराज फक्कड़ बाबा ने अपनी वर्षों की तपस्या से एक तपोभूमि के रूप में स्थापित किया था। यहाँ पंचमुखी गुफा में अरुणेश्वर महादेव अपने परिवार सहित विराजमान हैं। मंदिर में एक अद्भुत शिवलिंग है जो वर्षों पहले खंडित होने के बावजूद तिल-तिल बढ़ रहा है, जिसे एक चमत्कार माना जाता है।इसके अलावा, यहाँ ब्रह्मलीन फक्कड़ बाबा की समाधि है, जहाँ एक अखंड धूनी वर्षों से प्रज्वलित है। दरबार में हंस वाहिनी गुफा, शीतला माता और महादेव के छोटे मंदिर भी हैं। गुफा के अंदर काली माता की मूर्ति भी स्थापित है।समिति के नए अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने एक शपथ पत्र के माध्यम से यह घोषणा की है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ समिति के कार्यों का संचालन करेंगे और सभी गतिविधियां नियमों के अनुसार ही की जाएंगी।











