*बाप-दादे के जमाने से सात दशक,तीन पुश्तों से काबिज आबाद पुश्तैनी मकान,जमीन से बेदखल करने की साजिश*

*बाप-दादे के जमाने से सात दशक,तीन पुश्तों से काबिज आबाद पुश्तैनी मकान,जमीन से बेदखल करने की साजिश*

•~ जांच करवाकर उचित कानूनी कार्रवाई करवाते हुए लगायी न्याय की गुहार

*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।बाप ना दादा पूत हराम जादा तथा धन-दौलत,जगह जमीन की लालच में अंधे लोग बड़े बुजुर्गों के भी जुबान की कीमत को कौड़ियों के भाव में बेच दे रहे हैं।जी हां हम बात कर रहे हैं रावर्ट्सगंज विकासखंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत के करगरा मोड़ स्थित आदर्श तालाब की,जहां पर बड़े बुजुर्गों द्वारा पुरानी कहावत शत प्रतिशत चरितार्थ हो रही है कि तकरीबन 7 दशकों (70वर्षो) से बाप दादे के जमाने से करीब तीन पुश्तो तक कच्चा,पक्का मकान,झोपड़ी बनाकर सपरिवार मेहनत मजदूरी करके निवास कर रहे हैं परजूनिया जिन में अनुसूचित जाति के धोबी (कन्नौजिया),पनिका तथा गडरिया(पाल) को पहले बंधुआ मजदूर बनाकर सपरिवार हरवाही करवाये जिनके बदले में दान स्वरूप बसने के लिए कुछ रुपए लेकर जमीन देकर घर बनवाया और उक्त दलित अनुसूचित जाति के लोग घर मकान झोपड़ी बनाकर सपरिवार तकरीबन 70 वर्षों से आबाद रहते हुए बंधुआ मजदूर की तरह आजीवन,मेहनत मजदूरी खेतीबारी, हरवाई,कपड़े धोकर व स्त्री (प्रेस)करके,पानी भर के,खेती-बारी करके जीवन यापन करते चले आ रहे हैं। जिनकी पूरी जीवनी के बारे मेंएक दो लोग ही नहीं वरन पूरी मारकुंडी ग्राम पंचायत के साथ ही आसपास के इलाकों के ग्रामीण तक जानते एवं पहचानते हैं जिसकी किसी भी व्यक्ति से सच्चाई छुपी नहीं है।आज भी बच्चों,बूढ़े,जवान की जुबान पर मौजूद है बावजूद इसके जमीन लेनदार तथा देनदार के मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों द्वारा बसे बसाये परिजनों को मनमाने अवैध ढंग से ढंग से दबंगई,गुंडई धनवबल और ऊंची पहुंच व प्रभाव के बलबूते उक्त बसे बसाए गरीब बेबस,लाचार असहाय,बेसहारा दलित, अनुसूचित तथा अनु.जनजाति के लोगों को एक सामान्य (सवर्ण) जाति के लोगों द्वारा कागजी हवाला देकर बेदखल कर जमीन बेचने का‌ षड़यंत्र रच घर से बेघर बेदखल करने की सोची समझी साजिश रची जा रही है,जिसको लेकर पीड़ित परिवार काफी भयभीत,चिंतित, परेशानहाल,त्रस्त है।पीडित परिजनों ने मा.मुख्यमंत्री उ०प्र० शासन लखनऊ,पुलिस महानिदेशक उ०प्र० पुलिस मुख्यालय लखनऊ,जिलाधिकारी सोनभद्र,पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को पोर्टल के माध्यम से जनशिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित कर अविलंब ही जांच करवाकर उचित कानूनी कार्रवाई करवाते हुए न्याय की गुहार लगायी है।
सौंपें गए प्रार्थना पत्र में राधा पत्नी रमेश कन्नौजिया ग्राम- मारकुण्डी, थाना चोपन, तहसील राबर्ट्सगज, जनपद- सोनभद्र ने कहा है कि उपरोक्त नाम व पते की निवासिनी है तथा अनुसूचित जाति की धोबी व निर्धन महिला है।प्रार्थिनी के पति मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं दिव्यांग व्यक्ति है।प्रार्थिनी ही मेहनत मजदूरी करके अपना व अपने परिवार की आजीविका चलाती है। हम प्रार्थिनी का ग्राम पंचायत मारकुण्डी अंतर्गत करगरा मोड़ स्थित तालाब के समीप पुश्तैनी जमीन है, जिसमें हम प्रार्थिनी के पूर्वज अरसा दराज तकरीबन 7 दशकों से काबिज दाखिल चले आये,बादहू उक्त आराजी पर अनवरत काबिज दाखिल हैं।पूर्वजों द्वारा मजदूरी व हरवाही तथा कुछ रुपए एकत्रित करके खरीदारी करके उक्त जमीन अर्जित की थी,जिस पर अपने श्रम व साधन से कच्चा मकान बनायी है तथा पक्का निर्माण हेतु मौके पर निर्माण सामग्री गिरवायी है।घटना दिनांक14 फरवरी2026 को समय करीब 12बजे दोपहर की है कि अपना पक्का निर्माण कराने हेतु तत्पर हुई कि इसी बीच विपक्षीगण गीता सिंह पत्नी स्व० चन्द्रभान सिंह व अमित सिंह पुत्र स्व० चन्द्रभान सिंह व उसके हेलीमेली साथी सलाउद्दीन पुत्र स्व० निजामुद्दीन व अरमान पुत्र सलाउद्दीन निवासीगण मारकुण्डी मौके पर आ गये और निर्माण कार्य रोकवाने लगे। जब इसका विरोध किया गया तो विपक्षीगण आमादा फौजदारी होते हुए प्रार्थिनी को जातिसूचक गालियां धोबिन साली तुम हमसे जुबान लड़ाओगी,कहने लगे। पीड़िता की पुत्री से गाली देने से मना किया तो विपक्षीगण उसे मारने को दौड़ा लिये। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों के बीचबचाव करने पर विपक्षीगण फर्जी मुकदमे में फंसाकर जल्द ही सबक सिखाने और जान-माल की धमकियां देकर मौके से चले गये। विपक्षीगण काफी दबंग,सरहंग व मनबढ़ किस्म के प्रभावशाली धनवान व्यक्ति हैं और कागजी हेरफेर करके पुश्तैनी जमीन से ऐन-केन-प्रकारेण बेदखल करना चाहते हैं। पीड़िता की पांच पुत्रियां और एक पुत्र है। काश विपक्षीगण अपनी दूषित मंशा में कामयाब हो गये और उक्त जमीन से बेदखल कर दिये तो पीड़िता बेघर होते हुए खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हो जाएगी। जाएगी तथा बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो जायेंगे।उक्त जमीन के अलावा आजीविका व प्रवास का अन्य कोई साधन व स्रोत नहीं है। पीड़िता का उक्त जमीन में निर्मित कच्चे मकान में विद्युत कनेक्शन,सरकारी अनुदान से आवास एवं शौचालय बना है और निजी हैण्डपम्प भी स्थापित है। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजनान्तर्गत पानी का कनेक्शन भी संयोजित है, जो के पुश्तैनी कब्जे को साबित व प्रमाणित भी करता है ,बावजूद इसके विपक्षी अनाधिकृत रूप से अपनी गुण्डई व ताकत के बल पर जमीन से बेदखल कर बेचना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में प्रकरण की जांच कराकर विपक्षीगण को पीड़िता के शान्तिपूर्ण अध्यासन में अवरोध उत्पन्न करने से रोका जाना एवं उनके विरूद्ध उचित कानूनी कार्यवाही किया जाना जनहित में नितान्त आवश्यक है। जिसके लिए थाना चोपन को आदेशित करने की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगायी है।


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