* विवादित चकरोड का एसडीएम ने दिए सीमांकन के आदेश*

* विवादित चकरोड का एसडीएम ने दिए सीमांकन के आदेश*

सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )

रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बट में विवादित चकरोड को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक और कानूनी विवाद गहरा गया है। न्यायालय के स्पष्ट स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर जबरन मिट्टी डालकर चकरोड निर्माण कराने का मामला सामने आया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा लगातार न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए दबंगई के बल पर निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रार्थी के अनुसार आराजी संख्या-17, मौजा बट में वर्षों से विवाद चल रहा है। मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन, चुनार मिर्जापुर द्वारा वाद संख्या 163/2002 में दिनांक 25 जुलाई 2002 को स्पष्ट निषेधाज्ञा आदेश पारित किया गया था, जिसमें विवादित भूमि पर चकरोड निर्माण एवं किसी प्रकार के हस्तक्षेप पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा समय-समय पर जबरन चकरोड निर्माण कराने की कोशिश की जाती रही।
बताया गया कि वर्ष 2004 में ग्राम पंचायत द्वारा पुनः निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया था। इसके बाद भी कई बार विवादित स्थल पर मिट्टी डालने और रास्ता बनाने का प्रयास हुआ, जिसे प्रशासन द्वारा रोका गया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि 12 मई 2026 को एक बार फिर जेसीबी मशीन लगाकर विवादित चकरोड पर मिट्टी डालने का प्रयास किया गया। मौके पर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्य रुकवाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था।
मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने प्रार्थी की निजी भूमि को अलग रखते हुए विवादित चकरोड का विधिवत सीमांकन कराने के निर्देश जारी किए हैं। उपजिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित लेखपाल को मौके पर पहुंचकर सीमांकन कर निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, ताकि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन न हो और भविष्य में किसी प्रकार का अवैध निर्माण न कराया जा सके।
प्रार्थी ने प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के स्थगन आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा जबरन निर्माण कराने और माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं क्षेत्र में इस पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।


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