
*वन विभाग में आउटसोर्सिंग के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी*
*वन विभाग में आउटसोर्सिंग के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी*
(चन्दौली):अविनाश तिवारी ब्यूरो
जिले के चकिया और नौगढ़ क्षेत्र में वन विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ दैनिक और न्यूनतम वेतन भोगी कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। अपनी नौकरी और भविष्य को संकट में देख कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
पिछले तीन दिनों से कर्मचारी हाथों पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं और सरकार की इस नई नीति का कड़ा विरोध जता रहे हैं।
गुरुवार को आंदोलन के तीसरे दिन न्यूनतम वेतन/दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के संरक्षक रमाशंकर सिंह यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रामनगर स्थित प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर को मांग पत्र सौंपा।
कर्मचारियों की मुख्य चिंता: पौधरोपण, जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील कार्यों को निजी कंपनियों या आउटसोर्सिंग के हवाले किए जाने से वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने 5 मार्च 2026 के उस शासनादेश का हवाला दिया जिसमें आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा पर रोक की बात कही गई थी, और सवाल उठाया कि वन विभाग में इसे पिछले दरवाजे से क्यों लागू किया जा रहा है।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को व्यापक बनाते हुए 25 अगस्त को राजधानी लखनऊ स्थित वन मुख्यालय पर विशाल ‘गेट मीटिंग’ और उग्र प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, जिसमें पूरे प्रदेश के कर्मचारी शामिल होंगे।











