
*डीएम साहब! सलखन सब स्टेशन पर कब टूटेगी बिजली विभाग की कुंभकर्णी नींद?*
*डीएम साहब! सलखन सब स्टेशन पर कब टूटेगी बिजली विभाग की कुंभकर्णी नींद?*
•~ 24 घंटे में महज 6–8 घंटे बिजली! बेलगाम ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से हाहाकार—ग्रामीण बोले, अब नहीं चलेगा बहाना
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। सलखन विद्युत सब स्टेशन से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था अब लोगों के लिए परेशानी का सबब ही नहीं, बल्कि गंभीर जनसमस्या बनती जा रही है। बार-बार ट्रिपिंग, फॉल्ट, शटडाउन और अघोषित कटौती के चलते ग्रामीणों को न दिन में चैन मिल रहा है और न रात में सुकून।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि 24 घंटे में बमुश्किल 6 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी लगातार नहीं। बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। दिन में बार-बार ट्रिपिंग और रात में बिजली की आंख-मिचौली ने ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे दिया है।
*बिजली है या महज नाम की आपूर्ति?*
भीषण उमस और गर्मी के बीच बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग बेहाल हैं। पंखे-कूलर बंद होने से घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। बिजली आने के बाद भी बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को शिकायतें करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। कुछ समय के लिए व्यवस्था ठीक होती है और फिर वही पुरानी स्थिति सामने आ जाती है।
*सिंचाई-पेयजल से लेकर कारोबार तक प्रभावित*
बिजली की अनियमित आपूर्ति का सीधा असर किसानों की सिंचाई, पेयजल व्यवस्था और छोटे कारोबार पर पड़ रहा है। किसान समय से खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। सोनभद्र जिला कारागार गुरमा,सलखन, मारकुंडी, गुरमा, मीना बाजार और आस- पास के गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि बिजली व्यवस्था की लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
*बार-बार ट्रिपिंग से उपकरणों पर भी खतरा*
उपभोक्ताओं के अनुसार बिजली के बार-बार आने-जाने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से घरेलू विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बिल समय पर वसूला जाता है, लेकिन नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति कब मिलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
*डीएम और उच्चाधिकारियों से सीधी गुहार*
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र एवं बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए सलखन सब स्टेशन की विद्युत व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने नियमित आपूर्ति, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग पर रोक, तकनीकी खामियों को तत्काल दूर कराने तथा खराब विद्युत व्यवस्था का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई है।
*ग्रामीणों की चेतावनी—अब आंदोलन ही आखिरी रास्ता!*
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनहित में आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, तो आखिर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे या जनआंदोलन के बाद ही व्यवस्था सुधरेगी?
*डीएम साहब, अब जवाबदेही तय होनी चाहिए!*
सलखन सब स्टेशन की विद्युत दुर्व्यवस्था पर तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर भेजा जाए और ग्रामीणों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए—यही क्षेत्रवासियों की पुरजोर मांग है।











