*बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, जर्जर कच्चे मकानों पर आफत,कई जमींदोज*

*बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, जर्जर कच्चे मकानों पर आफत,कई जमींदोज*
•~ सूख रही धान की फसल को मिला जीवनदान, खेतों में लौटी हरियाली; ढुटेर में गिरी कच्चे घर की दीवार, आवास की मांग

*इण्डिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पानी के अभाव में पीली पड़ रही धान की फसल को बारिश से संजीवनी मिली है। खेतों में पड़ी दरारें अब पानी से भर गई हैं और रुकी हुई धान की रोपाई भी दोबारा शुरू हो गई है। हालांकि, तेज बारिश कुछ लोगों के लिए आफत भी बनकर आई। कई कच्चे मकानों की दीवारें गिरने से ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ा है।दरअसल, बारिश न होने से क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हो रही थी। खेतों में नमी खत्म होने के कारण जगह-जगह दरारें पड़ गई थीं और रोपी गई धान की फसल पीली पड़ने लगी थी। पानी की कमी के चलते कई किसानों की रोपाई भी बाधित हो गई थी। साधन संपन्न किसान निजी संसाधनों से खेतों की सिंचाई कर किसी तरह फसल बचाने में जुटे थे, जबकि अधिकांश किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे।पिछले दिनों हुई अच्छी बारिश ने किसानों की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। खेतों में पानी पहुंचने से धान की रोपाई तेज हो गई है। किसान दिन-रात रोपाई पूरी करने में जुटे हैं। वहीं, जिन खेतों में नमी की कमी से धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई थी, वहां बारिश ने फसल को नया जीवन दे दिया है। पीली पड़ रही धान की फसल अब हरी होने लगी है। बारिश से किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है और अच्छी फसल की उम्मीद भी बढ़ गई है।
*बारिश ने कुछ परिवारों की बढ़ाई मुश्किल*
एक ओर बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई, तो दूसरी ओर कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए यह परेशानी का सबब बन गई। घोरावल ब्लॉक के ढुटेर गांव निवासी राकेश ने बताया कि मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के दौरान उनके कच्चे मकान की दीवार अचानक जमींदोज हो गई। गनीमत रही कि हादसे के समय दीवार के पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।राकेश ने बताया कि घर की अन्य दीवारें भी जर्जर हालत में हैं और बारिश के बीच परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अभी तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जर्जर मकान का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा पात्रता के आधार पर जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले परिवार को सुरक्षित आवास मिल सके।


जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles