
*झमाझम मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात*
*झमाझम मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात*
•~ कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय बंद, कच्चे मकानों पर मंडराया खतरा; धान की फसल के लिए बारिश बनी संजीवनी
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। लगातार बरसात से सड़कों, खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। ढुटेर, तिवार, उसरी और गौरीशंकर समेत कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चहुंओर पानी ही पानी नजर आने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। वहीं कच्चे और जर्जर मकानों पर खतरा मंडराने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के सूखे पड़े तालाब, पोखरे और जलस्रोत लबालब हो गए हैं। पहाड़ी नालों से जुड़े गांवों में पानी का बहाव तेज होने से ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत महसूस हो रही है। कई स्थानों पर कमजोर कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों में भय का माहौल है।
*बारिश के चलते कक्षा आठ तक के विद्यालय बंद*
तेज बारिश और मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने जिले में कक्षा एक से आठ तक संचालित सभी विद्यालयों को 25 अगस्त को बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन एवं मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
*किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक*
लगातार बारिश ने आम जनजीवन को भले ही प्रभावित किया हो, लेकिन किसानों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। पानी के अभाव में प्रभावित हो रही धान की फसल को बारिश से संजीवनी मिली है। खरीफ की अन्य फसलों को भी पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को राहत मिली है। हालांकि कई खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भर जाने के कारण धान की निराई-गुड़ाई का कार्य प्रभावित हुआ है।घोरावल ब्लाक के ढुटेर गांव निवासी किसान भुवनेश्वर मौर्य, रामविलास सिंह, लाल बहादुर और लक्ष्मी प्रसाद पटेल मंगलवार को खेतों का जायजा लेते नजर आए। किसानों ने बताया कि बारिश से खेती को काफी फायदा हुआ है। खेतों में डूबी धान की फसल को लेकर उनका कहना था कि यदि अगले दो-चार दिनों में पानी निकल जाता है तो फसल को विशेष नुकसान होने की संभावना कम है।
*बारिश थमी तो लोगों ने ली राहत की सांस*
क्षेत्र में कई दिनों से कभी तेज तो कभी मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। इसके चलते लोगों के दैनिक कामकाज और आवागमन पर भी असर पड़ा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक बारिश थम गई थी और धूप-छांव का दौर शुरू हो गया था, जिससे लोगों ने कुछ राहत महसूस की।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश ने खेती को जरूर संजीवनी दी है, लेकिन लगातार बरसात के कारण जलभराव, कच्चे मकानों और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन को प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने कमजोर मकानों और जलभराव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।











