*मीनाबाजार घाघर पुल ध्वस्त, वैकल्पिक मार्ग भी बही; जर्जर घाट से जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण और नौनिहाल*

*मीनाबाजार घाघर पुल ध्वस्त, वैकल्पिक मार्ग भी बही; जर्जर घाट से जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण और नौनिहाल*
~ जर्जर रास्ते से गुजर रहे बच्चे, हादसे का बना खतरा
•~ ग्रामीणों ने डीएम से की घाघर नदी के कसहवा घाट के चौड़ीकरण एवं ऊंचीकरण की पुरजोर मांग

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सीमेंट निगम के समय से घाघर नदी पर बने पुराने पुल के ध्वस्तीकरण और भारी बारिश में वैकल्पिक मार्ग के भी बह जाने से गुरमा क्षेत्र की आवागमन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग बाधित होने से आमजन के साथ-साथ जिला कारागार के कार्मिकों, मुलाकातियों तथा आसपास के विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*जर्जर कसहवा घाट बना मुसीबत*
स्थानीय लोगों के अनुसार कसहवा घाट पर करीब 70 वर्ष पूर्व बनाया गया वैकल्पिक रास्ता वर्तमान में बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुका है। बारिश के कारण रास्ते की स्थिति और खराब हो गई है। ऐसे में नदी पार करने के दौरान बाइक सवारों तथा स्कूली बच्चों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि आए दिन लोग फिसलकर नदी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
*विद्यालय जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें*
घाघर नदी के आवागमन की समस्या का सीधा असर क्षेत्र के नौनिहालों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति प्रभावित हो रही है। इससे नामांकन और नियमित पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
*चौड़ीकरण के साथ ऊंचीकरण की मांग*
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी से कसहवा घाट का शीघ्र चौड़ीकरण एवं ऊंचीकरण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्थायी और सुरक्षित आवागमन व्यवस्था होने से स्कूली बच्चों, जेल कर्मियों, मुलाकातियों और क्षेत्रवासियों को राहत मिल सकेगी तथा बारिश के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।


जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles