
*बिजली के दावों की खुली पोल! पथरहा के ग्रामीण अंधेरे में जीने को मजबूर*
*बिजली के दावों की खुली पोल! पथरहा के ग्रामीण अंधेरे में जीने को मजबूर*
•~ ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल और कनेक्शन के अभाव में गांव में नहीं पहुंची बिजली, अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
•~ पूर्व ग्राम प्रधान शिवगंगे जायसवाल समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार, विद्युतीकरण कराने की उठाई मांग
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र। सरकार की ओर से गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों को रोशन करने के दावों के बीच विकासखंड राबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत पईका के राजस्व गांव पथरहा की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अब तक विद्युतीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल और कनेक्शन के अभाव में ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं। समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
पूर्व ग्राम प्रधान शिवगंगे जायसवाल समेत दर्जनों ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी सोनभद्र को प्रार्थना पत्र सौंपकर गांव में जल्द से जल्द विद्युतीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के आधुनिक दौर में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
*अधिशासी अभियंता से लेकर जेई तक दी सूचना, फिर भी नहीं जागा विभाग!*
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में विद्युतीकरण की समस्या को लेकर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, संबंधित एसडीओ और अवर अभियंता (जेई) को भी सूचना दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
*बिजली के बिना विकास की राह कैसे होगी रोशन?*
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आज केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और विकास की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है। इसके बावजूद पथरहा के लोगों को इस बुनियादी सुविधा के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शाम होते ही अंधेरे के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी जा चुकी है, तो फिर अब तक गांव में विद्युतीकरण का कार्य क्यों नहीं कराया गया?
*डीएम से हस्तक्षेप की मांग, जल्द विद्युतीकरण नहीं हुआ तो बढ़ेंगी मुश्किलें*
पूर्व ग्राम प्रधान शिवगंगे जायसवाल समेत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कराने, विद्युत पोल एवं तार लगवाने तथा पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि पथरहा के लोगों को भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा मिल सके।
अब सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब करेंगे? क्या पथरहा के लोगों को अंधेरे से मुक्ति दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, या ग्रामीणों को अपनी बुनियादी जरूरत के लिए इसी तरह इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और विद्युत विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।











