
*रामकथा के पांचवे दिन लक्ष्मण-परशुराम संवाद ,सीता-राम विवाह की कथा सुनाई गई।*
*रामकथा के पांचवे दिन लक्ष्मण-परशुराम संवाद ,सीता-राम विवाह की कथा सुनाई गई।*
चन्दौली अविनाश तिवारी
चंदौली तारा जीवनपुर क्षेत्र स्थित ग्राम सहरोई में चल रही श्रीरामकथा के पांचवे दिन कथावाचक पंडित नीरजानन्द शास्त्री ने लक्ष्मण-परशुराम संवाद के बाद सीता-राम विवाह का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक पंडित नीरजानन्द शास्त्री ने बताया कि धनुष भंग होने के बाद क्रोधित परशुराम जी और लक्ष्मण जी के बीच तीखा संवाद हुआ। भगवान श्रीराम के शांत स्वभाव और विनम्रता से परशुराम जी का क्रोध शांत हुआ। इसके बाद राजा जनक के दरबार में धूमधाम से सीता जी का विवाह श्रीराम के साथ संपन्न हुआ।
विवाह प्रसंग के दौरान पंडाल में फूलों की वर्षा की गई और श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए। पूरा पंडाल “सियावर रामचंद्र की जय” के जयघोष से गूंज उठा। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। कथा के बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया। वही उपस्थित मुख्य यजमान राहुल, मंच संचालन
महानंद मिश्रा, मिश्रा,पूर्व विधायक मनोज सिंह उर्फ डब्लू, सूर्यमुनि तिवारी, के एन पांडेय , विवेक यादव , संजय रस्तोगी, राहुल मेहमानी, जनार्दन मिश्रा अधिवक्ता, लक्ष्मी शंकर पांडेय मास्टर, शिवा सहित सैकड़ो ग्राम वासी और क्षेत्रवासी श्री राम कथा में शामिल रहे।











