
*मारकुंडी में लूट-खसोट एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लघु सिचांई विभाग का कूप निर्माण योजना*
*मारकुंडी में लूट-खसोट एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लघु सिचांई विभाग का कूप निर्माण योजना*
•~गरीब किसानों ने मानक के विपरीत कूप निर्माण का किया विरोध,निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।रावर्ट्सगंज विकास खंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत के टोला सात नंबर में लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई कूप पक्का निर्माण कार्य में मानक के विपरीत, आधा अधूरा निर्माण कार्य कर व्यापक पैमाने पर सरकारी धन का लूट-खसोट एवं भ्रष्टाचार मचाए जाने का आरोप क्षेत्रीय ग्रामीण ने लगाया है तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को लिखित जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से शिकायती प्रार्थना पत्र सौंप उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है ताकि सरकारी धन में लूट-खसोट किए जाने का पर्दाफाश हो सके और कूप निर्माण का कार्य समय से पूर्ण हो सके।
इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ,जिला अधिकारी सोनभद्र,जिला मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र को भेजें गये शिकायती पत्र मे लघु कृषक अशोक कुमार पुत्र स्व० रूपलाल निवासी मारकुण्डी,टोला-7 नंबर,विकास खण्ड-राबर्ट्सगंज जनपद-सोनभद्र ने भेजे गए अपने शिकायत पत्र में कहा है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई कूप (पक्का कुआं) का निर्माण कराया गया है जो कूप को अर्द्धनिर्मित कर ठेकेदार द्वारा छोड़ दिया गया है।कूप निर्माण के ही समय ठेकेदार द्वारा कुएं का निर्माण नाले में किया गया है जो नाला जमीन के सतह से करीब 15 फीट नींचे है।शुरूआत में ही खोदाई के समय ही विरोध किया तो विभागीय जे०ई० व ठेकेदार द्वारा कहा गया कि इस कुएं को 40-45 फीट खुदाई करानी है,परेशान मत होइएं।कूएं में कम से कम 10 फीट पानी करके ही छोड़ा जायेगा।जे०ई० व ठेकेदार के बातों से आश्वस्त हो कूप निर्माण कार्य निर्विरोध होने दिया गया।परिणामस्वरूप दो-तीन फीट नीचे पत्थर पड़ जाने के कारण ठेकेदार द्वारा मजदूरो से पत्थर को आधा अधूरा करीब 17-18 फीट खोदवाकर कूप को पत्थर के उपर बोल्डर से दिवाल बनाया जाने लगा।जब इसका विरोध किया गया और कहां गया कि कम से कम कूप मानक के अनुरूप खुदाई तो कराकर दीवाल निर्माण करवाया जाय, लेकिन मनमानी पूर्ण उपेक्षात्मक रवैया अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार व जे०ई० द्वारा कहा गया कि दीवाल बन जाने के पश्चात मशीन से कुए को वृहद रूप बना दिया जायेगा,गइराई से लेकर चौड़ाई आदि सब फिट हो जायेगा।करीब तीन माह से ही निर्माण कार्य बन्द हुए हो गया। जिसको लेकर जे०ई० के साथ-साथ विभागीय अधिशासी अभियंता को भी उक्त कूप को लेकर लिखित एवं मौखिक समेत दूरभाष से भी अवगत कराया गया किन्तु आज तक केवल झूठा आश्वासन ही दिया जा रहा है जिसको लेकर मानसिक रूप से बहुत ही परेशान है।उपर से ठेकेदार द्वारा धमकियां भी दी जा रही है कि जाओं जहां शिकायत करनी हो,कर लो कुछ भी नहीं उखाड़ सकते।वर्तमान में बरसात का मौसम भी आने वाला है।यदि बरसात से पहले कुएं का निर्माण आदि कार्य पूर्ण नही किया गया तो फिर सम्भव नही है।विश्वस्त सूत्रों से यह पता चला है कि उक्त कूएं निर्माण का संपूर्ण भुगतान भी कर लिया जा चुका है बावजूद इसके कार्य आज भी आधा अधूरा अर्ध निर्मित है और मानक के विपरीत कार्य किया गया है।
इलाके के तमाम किसान बंधुओ नेउक्त अर्द्धनिर्मित कुएं निर्माण का उच्च स्तरीय जांच कराकर कूए के कार्य को पूर्ण करवाते हुए दोषियों के विरूद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करवाये जाने की मांगकी है ताकि कूप निर्माण कार्य में हुए सरकारी धन की लूट-खसोट का पर्दाफाश तथा संबंधितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण समेत अन्य धाराओं में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। देखना अब यह है कि इस संबंध में अर्ध निर्मित कूप का निर्माण पूर्ण हो पाता है अथवा नहीं तथा कहां तक संबंधितों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांचकर कार्रवाई सुनिश्चित हो पाती है? लोगों की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।











