उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओबरा के इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल द्वारा युवा उद्यमिता कार्यक्रम के अंतर्गत “उद्यमिता विकास” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 21 अगस्त 2026 को महाविद्यालय परिसर स्थित कक्ष संख्या A3 में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें नवाचार, व्यवसाय नियोजन और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल की अध्यक्ष श्रीमती अंजलि मिश्रा के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए युवाओं में उद्यमशील सोच विकसित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात डॉ. विकास कुमार, स्टार्ट-अप एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर, ने उद्यमिता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्यमिता नवाचार, रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक बेहतर एवं संभावनाशील करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के मुख्य सत्र में आविष्कार फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर एवं रिसोर्स पर्सन विकास कुमार ने विद्यार्थियों को उद्यमिता क्या है, सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक गुण एवं कौशल तथा बिजनेस प्लान कैसे तैयार किया जाता है, आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यवसायिक विचार की पहचान, लक्षित बाजार को समझने, आवश्यक संसाधनों एवं वित्तीय योजना बनाने तथा किसी व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा और व्यावसायिक योजना निर्माण की प्रक्रिया को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता, बिजनेस प्लानिंग तथा नवाचार आधारित स्टार्ट-अप के अवसरों के संबंध में उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता विकसित करना तथा उनके नवीन विचारों को व्यावसायिक अवसरों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. संघमित्रा, IPR एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर एवं आयोजन सचिव, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने रिसोर्स पर्सन, महाविद्यालय प्रशासन, इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल के सदस्यों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।
कार्यशाला का आयोजन प्रो. प्रमोद कुमार, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओबरा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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