
*सोनभद्र जिला कारागार गुरमा में 250 बंदियों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधा रक्षासूत्र*
*सोनभद्र जिला कारागार गुरमा में 250 बंदियों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधा रक्षासूत्र*
•~ राखी के बदले बंदियों ने लिया नशा मुक्ति और बुराइयां छोड़ने का संकल्प
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा/सोनभद्र। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला कारागार गुरमा में सेवा, संस्कार और आत्मचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिला। धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान के तत्वावधान में आध्यात्मिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रॉबर्ट्सगंज सेवा केंद्र की ओर से विशेष रक्षाबंधन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने 250 बंदियों को रक्षासूत्र बांधकर नशे से दूर रहने और जीवन की बुराइयों को त्यागने का संकल्प कराया।कार्यक्रम के दौरान 195 पुरुष और 55 महिला बंदियों को राखी बांधी गई। रक्षासूत्र बंधवाने के बाद बंदियों ने भी नशा मुक्ति का संकल्प लेते हुए अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा बुराइयों से दूर रहने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की प्रभारी बीके सुमन दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “रक्षाबंधन केवल डोरी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मा को मर्यादाओं के बंधन में बांधकर विकारों और नकारात्मकता से मुक्त होने का संकल्प है।”उन्होंने कहा कि जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है। मनुष्य यदि अपने विचारों और कर्मों को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प ले तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने सभी से नशे सहित अन्य बुराइयों का त्याग कर सदाचार और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।
जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आयोजित इस सेवा कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में इस प्रकार की पहल अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति दृढ़ संकल्प कर ले तो अपने जीवन में बदलाव लाना कठिन नहीं है।उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, आत्ममंथन करने और बेहतर जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
*जेल प्रशासन और ब्रह्माकुमारी बहनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका*
कार्यक्रम में प्रभारी जेलर गौरव कुमार, जेलर अरविंद कुमार सिंहा, डिप्टी जेलर किशन सिंह, डिप्टी जेलर कुमारी गरिमा, उपकार पाल शशांक सिंह, चीफ हेड वार्डन सुभाष पांडेय सहित जेल प्रशासन का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवाकेंद्र इंचार्ज ब्रह्माकुमारी सुमन दीदी, घोरावल उपसेवाकेंद्र इंचार्ज राजकुमारी दीदी, सहयोगी बहने बी के सरोज, बी के कविता, बी के दीपशिखा, भूपेंद्र प्रताप सिंह साईं हॉस्पिटल मैनेजर साईं, राजकेश्वर भाई आर्मी, राकेश भूषण पाठक, मोना बहन, मीना बहन, अमित इत्यादि ब्रह्माकुमारीज बहनों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
*रक्षाबंधन के इस अवसर पर जिला कारागार में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सच्चा रक्षासूत्र केवल कलाई पर नहीं, बल्कि संकल्प के रूप में जीवन में बंधना चाहिए—जो व्यक्ति को नशे, बुराई और नकारात्मकता से बचाकर श्रेष्ठ जीवन की ओर ले जाए।*











