
*अनवरत बारिश से घाघर नदी उफान पर, तीसरी बार बहा मीनाबाजार का वैकल्पिक मार्ग, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल, आखिर कब जागेगा प्रशासन?*
*अनवरत बारिश से घाघर नदी उफान पर, तीसरी बार बहा मीनाबाजार का वैकल्पिक मार्ग, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल, आखिर कब जागेगा प्रशासन?*
•~ वाराणसी-शक्तिनगर मुख्यमार्ग पर पानी का बहाव, ओबरी-अवई बस्तियों मे भी भरा पानी
•~ आवागमन बाधित, मरीज, स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा/सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरमा-मारकुंडी इलाके में पिछले तीन दिनों से हो रही अनवरत और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार वर्षा के चलते ताल-तलैया, नदी-नाले और तालाब उफान पर हैं। वहीं घाघर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद घाघर नदी विकराल रूप धारण कर उफान पर बह रही है।स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घाघर नदी के तेज बहाव ने मारकुंडी जिला जेल के मुख्य वैकल्पिक संपर्क मार्ग को एक बार फिर अपनी चपेट में ले लिया है। मीनाबाजार के पास बना वैकल्पिक मार्ग टूटकर बह गया है। बताया जा रहा है कि यह तीसरी बार है जब यह संपर्क मार्ग नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हुआ है।
*आखिर कब होगा स्थायी समाधान?*
बार-बार वैकल्पिक मार्ग के बह जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और निराशा है। सवाल यह उठ रहा है कि हर बार बारिश और बाढ़ के बाद आवागमन बाधित होने की समस्या का आखिर स्थायी समाधान कब किया जाएगा? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे लोगों को अब केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि मजबूत और स्थायी संपर्क मार्ग की आवश्यकता है।
*स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें*
मार्ग बह जाने से आमजनमानस का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है, वहीं मरीजों और बुजुर्गों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवागमन की खड़ी हो गई है। आपातकालीन स्थिति में लोगों को लंबा और कठिन रास्ता तय करने की मजबूरी बन सकती है।
*ओबरी-अवई बस्तियों मे भरा पानी, मुख्य मार्ग पर भी बह रहा पानी*
इसी क्रम में मारकुंडी क्षेत्र के मुख्य राजमार्ग के किनारे स्थित ओबरी और अवई बस्तियों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।वहीं वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग के कुछ हिस्सों पर भी पानी का बहाव शुरू हो गया है, जिससे छोटे-बड़े वाहनों के संचालन में कठिनाई पैदा हो रही है। सड़क पर बहते पानी के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
*प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग*
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवागमन की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बार-बार बहने वाले मीनाबाजार वैकल्पिक मार्ग की समस्या का स्थायी और मजबूत समाधान कराया जाए, ताकि हर वर्ष बारिश के दौरान हजारों लोगों को इस गंभीर संकट का सामना न करना पड़े।
अब सवाल यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को केवल बरसात की मौसमी परेशानी मानकर टालता रहेगा या फिर आमजन, स्कूली बच्चों और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए कोई ठोस और स्थायी कदम उठाएगा?











