
*गुरमा मे 13.64 लाख की समरसेबल पानी टंकी बनी शोपीस, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग!*
*गुरमा मे 13.64 लाख की समरसेबल पानी टंकी बनी शोपीस, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग!*
•~ रामलीला से पहले पानी का संकट! 13.64 लाख की टंकी बनी सफेद हाथी
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
सोनभद्र। चुर्क-गुरमा नगर पंचायत क्षेत्र के गुरमा स्थित आदर्श रंगमंच के समीप 13 लाख 64 हजार रुपये की लागत से तैयार कराई गई समरसेबल पानी टंकी नगरवासियों के लिए शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी तैयार होने के बावजूद धरातल पर पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है, जबकि कागजों में व्यवस्था संचालित होने की बात सामने आ रही है।बताया गया कि करीब तीन महीने में टंकी का निर्माण पूरा कराया गया था। इससे लोगों को पेयजल समस्या दूर होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं होने से आज भी लोग सरकारी हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
*रंगमंच पर आयोजन, लेकिन पानी की व्यवस्था नदारद*
आदर्श रंगमंच के समीप आए दिन बच्चों के खेलकूद सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। वहीं अक्टूबर माह में रामलीला शुरू होने की संभावना है। ऐसे में रंगमंच परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन पानी की व्यवस्था बाधित होने से आयोजकों और स्थानीय लोगों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो सकती है।ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर लगातार सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं लाखों रुपये की लागत से बनी पानी टंकी का उपयोग नहीं हो पाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
*13.64 लाख खर्च, फिर पानी कहां है?*
वार्ड नंबर-2 के सभासद प्रतिनिधि मनोज कुमार समेत स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी से समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने टंकी और जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कराकर खामियों को दूर करने तथा नियमित पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।लोगों का सवाल है कि जब पेयजल सुविधा के लिए 13.64 लाख रुपये खर्च किए गए हैं तो उसका लाभ जनता को आखिर कब मिलेगा? ग्रामीणों ने परियोजना की मौके पर जांच कराने की भी मांग की है।
*अधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका*
मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सरोज से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन पूरी घंटी जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। *अब देखना यह है कि अक्टूबर में रामलीला शुरू होने से पहले आदर्श रंगमंच के समीप बनी लाखों रुपये की यह पानी टंकी लोगों की प्यास बुझा पाती है या फिर शोपीस बनकर ही खड़ी रहती है।*











