
*श्रीराम-सीता विवाह के दिव्य प्रसंग से भक्तिमय हुआ रामलीला मैदान, जयकारों से गूंज उठी धर्मनगरी*
*श्रीराम-सीता विवाह के दिव्य प्रसंग से भक्तिमय हुआ रामलीला मैदान, जयकारों से गूंज उठी धर्मनगरी*
•~ 125वें वर्ष की ऐतिहासिक रामलीला में चारों भाइयों के विवाह का मनोहारी मंचन बना आकर्षण का केंद्र, पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने मनाया मंगल उत्सव
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी जिला ब्यूरो प्रमुख सेराज अहमद/संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर के ऐतिहासिक श्री रामलीला मैदान में आयोजित 125वें वर्ष की गौरवशाली रामलीला के छठवें दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था के सागर में सराबोर कर दिया। ‘आदर्श श्री रामलीला मंडल पिपलेश्वर धाम (सिंगरौली)’ के कुशल कलाकारों ने भगवान श्रीराम-माता सीता सहित चारों भाइयों के विवाह का ऐसा जीवंत, भावपूर्ण और मनमोहक मंचन किया कि पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। विवाह के मंगलमय दृश्यों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पंडाल में पुष्पवर्षा के बीच भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रामलीला के मंच पर जनकपुरी में आयोजित भव्य विवाह उत्सव का दृश्य साकार होते ही श्रद्धालु भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन हो गए। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से त्रेतायुगीन विवाह प्रसंग को इस तरह जीवंत किया कि दर्शक मानो स्वयं जनकपुरी के ऐतिहासिक उत्सव के साक्षी बन गए।
*राजा दशरथ की बारात पहुंचते ही जनकपुरी में छाया मंगल उत्सव*
मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने के बाद राजा जनक अयोध्या नरेश राजा दशरथ को शुभ संदेश भेजते हैं। संदेश प्राप्त होते ही राजा दशरथ भव्य बारात लेकर मिथिलापुरी पहुंचते हैं। जनकपुरी में बारात के आगमन पर राजा जनक और नगरवासियों द्वारा भव्य स्वागत-सत्कार किया जाता है। उत्सव, उल्लास और मंगल गीतों के बीच विवाह की तैयारियां शुरू होती हैं।गुरु वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र के मार्गदर्शन में शास्त्रीय विधि-विधान के साथ भगवान श्रीराम का विवाह माता सीता से संपन्न होता है। वहीं, राजकुमार लक्ष्मण का उर्मिला, भरत का माण्डवी तथा शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति के साथ विवाह कराया जाता है। चारों राजकुमारों के विवाह के मनोहारी दृश्यों ने रामलीला मैदान में मौजूद श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
*पुष्पवर्षा और जयकारों से गूंज उठा रामलीला मैदान*
भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग आते ही पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। विवाह के मंगलमय दृश्यों के बीच पुष्पवर्षा होने लगी और बधाई गीतों तथा भजनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ प्रभु के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने धार्मिक परंपरा, मर्यादा और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।125 वर्षों से चली आ रही रामलीला की गौरवशाली परंपरा ने एक बार फिर नगरवासियों को धर्म, संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। रामलीला के इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक उत्साह और भक्ति का विशेष संचार किया।
*सदर विधायक सहित गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति*
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक भूपेश चौबे उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष पवन जैन, राकेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, आनंद मिश्रा, डॉ. धर्मवीर तिवारी, अनिल द्विवेदी, विमल अग्रवाल, चंदन केसरी, राम प्रसाद यादव, चंद्र कुमार केजरीवाल, राजेश जायसवाल और विनय जायसवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।











