*कंपोजिट विद्यालय हृदयपुर में गूंजा ‘स्वच्छ इंडिया–स्वस्थ इंडिया’ का नारा*

*कंपोजिट विद्यालय हृदयपुर में गूंजा ‘स्वच्छ इंडिया–स्वस्थ इंडिया’ का नारा*
•~ चार रंगों के डिब्बों से बच्चों को सिखाया कचरा प्रबंधन का विज्ञान, स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प
•~ ‘इको क्लब फॉर मिशन लाइफ’ के तहत आयोजित हुआ विशेष जागरूकता कार्यक्रम—चार्ट, स्लोगन, कविता और क्विज के जरिए विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता का संदेश

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी जिला ब्यूरो प्रमुख अविनाश तिवारी*

चंदौली। स्वच्छ विद्यालय, स्वस्थ समाज और सुंदर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में विकास खंड चहनिया के कंपोजिट विद्यालय हृदयपुर में स्वच्छता जागरूकता की अनूठी पहल की गई। ‘इको क्लब फॉर मिशन लाइफ’ के अंतर्गत आयोजित विशेष कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को ठोस अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के महत्व से रूबरू कराया गया। बच्चों को वैज्ञानिक तरीके से कचरे का पृथक्करण करने की जानकारी देते हुए स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव ने विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचरे को एक ही स्थान पर डालने के बजाय उसकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग डिब्बों में रखना चाहिए। इससे कचरे का उचित निस्तारण करने, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलती है।
*चार रंगों के डिब्बे, कचरा प्रबंधन के चार महत्वपूर्ण नियम*
प्रधानाध्यापक ने बच्चों को चार रंगों के डिब्बों की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि—
*हरा डिब्बा:* गीले कचरे के लिए।
*नीला डिब्बा:* सूखे कचरे के लिए।
*लाल डिब्बा:* सैनिटरी कचरे के लिए।
*काला डिब्बा:* ई-कचरे के लिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कचरे का सही वर्गीकरण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में कचरे को अलग-अलग रखने की आदत अपना ले, तो स्वच्छता अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
*चार्ट, कविता और क्विज से बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश*
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने चार्ट, आकर्षक स्लोगन, कविताओं और प्रश्नोत्तरी (क्विज) के माध्यम से स्वच्छता के प्रति अपनी जागरूकता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों ने कचरा प्रबंधन, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छता का संदेशवाहक बनाकर विद्यालय से परिवार और परिवार से समाज तक जागरूकता फैलाना भी रहा। विद्यार्थियों ने स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का संकल्प लिया।
*स्वच्छता की आदत से बनेगा स्वस्थ समाज*
कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ इंडिया–स्वस्थ इंडिया’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। शिक्षकों ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे स्वयं स्वच्छता के नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
इस अवसर पर नंद कुमार शर्मा, रूबी सिंह, ममता रानी गुप्ता, मंजू देवी, सुशीला देवी और विजय राज रवि सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
*संदेश स्पष्ट है—* कचरे का सही प्रबंधन, स्वच्छ पर्यावरण की पहचान; स्वच्छ विद्यालय से ही स्वस्थ समाज और सुंदर भारत का निर्माण संभव है।


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