माध्यमिक शिक्षक महासभा की बैठक मे कैशलेश व्यवस्था लागू कराने पर जोर

माध्यमिक शिक्षक महासभा की बैठक मे कैशलेश व्यवस्था लागू कराने पर जोर

गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का अबैध संचालन बंद कराने एवं वित्त विहीन शिक्षकों के निष्कासन पर रोक लगाने पर हुई चर्चा

सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )

माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा सोनभद्र के द्वारा दिनांक 14 जून को इंद्रावती शिक्षण संस्थान ब्रह्म नगर मे एक विशाल गोष्ठी का आयोजन किया गया।बैठक की अध्यक्षता प्रबंधक महासभा के जिलाध्यक्ष सुशील चौबे एवं मुख्य अतिथि रितिका दुबे (प्रदेश उपाध्यक्ष) एवं वाराणसी शिक्षण निर्वाचन क्षेत्र की प्रभारी उपस्थित रही।
गोष्ठी मे जनपद सोनभद्र के लगभग 100 से अधिक शिक्षक,प्रिंसिपल,प्रबंधक शामिल हुए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए रितिका दुबे ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के मांग के अनुरूप जो महत्वपूर्ण मुद्दे है इसके लिए हम सभी लगकर पूर्ण करायेगे।शिक्षकों की मुख्य मांगो मे कैशलेश व्यवस्था को अविलम्ब सुरु कराने,अबैध विद्यालयों के संचालन पर रोक लगाए जाने एवं वित्त विहीन शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली अविलम्ब लागू कराने के प्रस्ताव पर रितिका दुबे ने आशस्वत किया कि मै बहुत जल्द प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री एवं राज्य पाल से मिलकर शिक्षकों के हित मे उक्त तीनो मांगो को लागु कराने हेतु ज्ञापन एवं वार्ता करुँगी।उन्होंने कहा कि जब यह व्यवस्था सुरु हो जाएगी तो अगली लड़ाई सम्मान जनक मानदेय की होगी।कुछ संगठन के नेता बेतन नही तो वोट नही की बात कहते है,जब कि जब तक सेवा सुरक्षा नियमावली नही आती तब तक मानदेय या वेतन केवल चुनावी हथकंडा होगा।मुख्य मंत्री जी ने घोषणा किया था कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैसलेश इलाज की सुविधा कार्ड जारी किया जायेगा,परन्तु अभी तक इसके लिए कोई शासनादेश जारी नही होने से शिक्षकों मे निराशा है।इसे हर हाल मे लागु होना चाहिए,इसके लिए मेरा संगठन सड़क से सदन तक संघर्ष करने की रणनीति बना रहा है।प्रदेश उपाध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली नही बनने के कारण आये दिन विद्यालयों से शिक्षकों एवं प्रिंसिपल को जबरन निकाला जा रहा है, जब सेवा ही सुरक्षित नही है तो मानदेय या बेतन की बात करना झुनझुना पकड़ाने से कम नही है।पहले सेवा नियमावली,कैसलेश इलाज कार्ड फिर मानदेय की बात होनी चाहिए।बेतन मिले या न मिले पहले सेवा सुरक्षा नियमावली जारी की जाय।
बैठक मे प्रबंधक महासभा के जिलाध्यक्ष सुशील चौबे,विद्या शंकर तिवारी,उमाकांत मिश्र,उमाकांत शुक्ल,रमाकांत कुशवाहा,ऋषिकेश लाल,गणेश देव पाण्डेय,प्रमोद कुमार,सच्चिदानंद मिश्र,सतीश पाण्डेय,जगदम्बा प्रसाद,प्रवेश यादव,संजय पाठक,आशीष कुमार,ब्रह्मानंद,नन्दलाल,विनोद जायसवाल,अमित कुमार,विकास कुमार,नरेन्द्र देव पाण्डेय,संतोष साहनी, सत्यप्रकाश चौबे,राकेश सिंह,कल्पनाथ आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।


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