
*वर्षों पुराने पुश्तैनी सार्वजनिक मार्ग को अवैध बाउंड्री निर्माण कर बंद कर दिये जाने को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन*
*वर्षों पुराने पुश्तैनी सार्वजनिक मार्ग को अवैध बाउंड्री निर्माण कर बंद कर दिये जाने को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन*
•~ डीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ता बहाल कराने की मांग
इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। सदर विकासखंड के न्याय पंचायत सलखन अन्तर्गत मारकुंडी समेत आसपास के इलाके के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव के नेतृत्व में गांव के वर्षों पुराने सार्वजनिक आवागमन मार्ग को अवैध बाउंड्री निर्माण कर बंद कर दिये जाने को लेकर सोमवार को कलेक्ट में धरना-प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ता बहाल कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार मारकण्डी, बलुई, बजरटोला, मधुबन, महअरिया और गुरदह गांवों के लोग कई पीढ़ियों से रास्ते का उपयोग आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। आरोप है कि रॉबर्ट्सगंज निवासी प्रशांत शुक्ला पुत्र स्व. प्रेम कुमार शुक्ला द्वारा पक्की बाउंड्री बनाकर इस मार्ग को बंद कर दिया गया, जबकि बाउंड्री के किनारे मौजूद वैकल्पिक रास्ते को भी घेर दिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि यही मार्ग बच्चों के विद्यालय आने-जाने, महिलाओं के मजदूरी पर जाने, राशन लेने, बाजार और अस्पताल पहुंचने का प्रमुख साधन है। उनका यह भी कहना है कि अन्य दिशा में नहर, गहरे गड्ढे, पहाड़ी और बरसाती नाला होने के कारण वहां से सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है।बाउण्ड्री निर्माण कार्य शुरू होते हुए ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी सोनभद्र,एसओसी चकबंदी अधिकारी व उप जिलाधिकारी राबर्ट्सगंज को प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर कार्य रोकवाने हेतु थानाध्यक्ष चोपन चकबंदी अधिकारी सोनभद्र तथा एसओसी व लेखपाल को आदेशित किया गया है, लेकिन चकबंदी अधिकारी एसओसी कानूनगों, व लेखपाल पैसे के प्रभाव में आकर आज तक बाउण्ड्री निर्माण कार्य रोकने नहीं आये तथा चोपन थाने में एसआई पद पर तैनात मनोज कुमार सिंह व महिला पुलिस आये एवं बाउण्ड्री निर्माण रोकने हेतु धरने पर गाँव की 200 से अधिक महिला,पुरूष,बच्चे बैठे थे। प्रार्थना पत्र में उल्लेखित है कि एस आई द्वारा जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाने लगे सभी को मुकदमा लाद दूंगा, कौन कौन नेता बन रहे है. सभी गांजा, कट्टा, कारतूस की फर्जी धारा लगाकर जेल में ठूस दूंगा,नीच गवार जाति के हो,तुम नेताओं को जान से मरवा डालूंगा तथा सबको मौके से भगा दिये।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य रोकने के निर्देश के बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई । धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आरोप लगाया है कि प्रशान्त शुक्ला,तेजधारी यादव पुत्र गुपुत व राजकुमार मिश्रा पुत्र अज्ञात निवासी मारकण्डी, द्वारा मौके पर बैठकर बाउण्डी निर्माण कराते हुए रास्ता बन्द कराया गया। जिस कारण बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे है एवं महिलाए मजदूरी करने दवा इलाज कराने सामान लेने कोटा का गल्ला लेने नहीं आ जा पा रहे है।बाउण्ड्री का उत्तरी हिस्सा पहाडी नाला गाटा संख्या- 1772 व 1755 नक्शे में 8 मीटर चौडा नाला है. व मौके परु भी नाला है नाला में मिट्टी पाटकर 5 मीटर चौडा नाले के भूमि में 80 मीटर लम्बा बाउण्ड्री बनवाकर रास्ता रोक दिया गया है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर यदि नाले या सार्वजनिक मार्ग की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए तो उसे हटवाया जाए तथा मारकुण्डी मुख्य मार्ग से बलुई गांव तक आवागमन का रास्ता पुनः बहाल कराया जाए। इस मौके पर ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह यादव, ग्राम प्रधान केवटा शीला देवी, श्यामसिंह गोड़, कौलेश्वर,अमरनाथ,रामलखन, राजकुमार, बनारसी,लीलावती देवी, सुनीता, सीता,पार्वती, राधिका, कमलावती,राजकुमारी फुलवंती,सुगवंती, पूनम,चंद्रावती, लखवंती आदि सैकड़ो महिला पुरुष मौजूद रहे।फिलहाल इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











