
*मारकुंडी घाटी बनी हादसों का हॉटस्पॉट! तीसरे मोड पर पलटा तेल लदा ट्रक , बाल-बाल बचे चालक -खलासी*
*मारकुंडी घाटी बनी हादसों का हॉटस्पॉट! तीसरे मोड पर पलटा तेल लदा ट्रक , बाल-बाल बचे चालक -खलासी*
•~ मौत के खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित हुआ वाहन, हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार! खोली सुरक्षा इंतजामों की पोल
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र की खतरनाक मानी जाने वाली मारकुंडी पुरानी घाटी में रविवार की देर रात एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सलोनी तेल से लदा ट्रक घाटी उतरते समय तीसरे मोड़ पर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में ट्रक सवार चालक और खलासी बाल-बाल बच गए। दोनों को हल्की चोटें आईं।
बताया गया कि ट्रक राबर्ट्सगंज से चोपन की ओर जा रहा था। रात करीब 11 बजे मारकुंडी पुरानी घाटी के तीसरे मोड़ पर उतरते समय चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और ट्रक सड़क पर पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। ट्रक में लदा तेल सड़क पर फैल जाने से आवागमन में भी परेशानी हुई।
*सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, यातायात कराया सुचारु*
हादसे की सूचना मिलते ही गुरमा चौकी प्रभारी श्री प्रकाश अपने हमराह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क पर पलटे ट्रक को हटवाने की व्यवस्था कराई, जिसके बाद यातायात को सुचारु कराया गया। चालक और खलासी के सुरक्षित बच जाने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
*आए दिन होते हैं हादसे, फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार*
स्थानीय लोगों का कहना है कि मारकुंडी घाटी के खतरनाक मोड़ों पर आए दिन भारी वाहन अनियंत्रित होकर पलटते रहते हैं। इसके बावजूद दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने घाटी के दुर्घटना संभावित मोड़ों पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग, पर्याप्त चेतावनी संकेतक, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय कराने की मांग की है।
*भारी वाहनों का दबाव बढ़ा, खतरा भी बढ़ा*
मारकुंडी घाटी से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा व्यवस्था का अभाव किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से समय रहते प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसी दिन होने वाली बड़ी दुर्घटना से पहले हादसों का सिलसिला रोका जा सके।











