
*गुरमा में चोरों का तांडव! लगातार वारदातों से पुलिस चौकी की सक्रियता पर सवाल*
*गुरमा में चोरों का तांडव! लगातार वारदातों से पुलिस चौकी की सक्रियता पर सवाल*
•~ पहले समरसेबल की केबल चोरी, दूसरे दिन ट्रैक्टर से 70 किलो चावल गायब; सप्ताहभर पहले भैंस भी ले उड़े चोर
•~ ग्रामीणों में दहशत, आखिर रात में कहां है पुलिस की गश्त?
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र की गुरमा पुलिस चौकी के अंतर्गत चोरी की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को अब तक इन घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को रेलवे अंडरग्राउंड पुलिया के समीप वाटर सप्लाई के समरसेबल की केबल चोरी हुई तो शनिवार की भोर में दुकान के सामने खड़े ट्रैक्टर से करीब 70 किलो चावल की बोरी पार कर दी गई। वहीं, लगभग एक सप्ताह पूर्व एक पशुपालक की भैंस चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। लगातार हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों और व्यापारियों में भय का माहौल है।
*लगातार चोरी, फिर भी चोरों के हौसले बुलंद!*
गुरमा–मारकुंडी, मीना बाजार मुख्य मार्ग पर हुई ताजा घटना में व्यवसायी बेचू साह की दुकान के सामने खड़े ट्रैक्टर पर रखी चावल की बोरी अज्ञात चोर उठा ले गए। व्यवसायी के मुताबिक, शनिवार की भोर में दुकान के दरवाजे के पास कुछ आहट सुनाई दी। जब तक वह दरवाजा खोलकर बाहर निकलते, तब तक चोर अपना काम कर चुके थे। चोरी गई बोरी फटी हुई थी, जिसके कारण रास्ते में चावल बिखरते हुए घाघर बैराज तक दिखाई दिए।लगातार दूसरे दिन चोरी की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मुख्य मार्ग और आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह वारदातें हो रही हैं, तो रात के समय सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
*एक सप्ताह में तीसरी घटना से सहमे ग्रामीण*
चोरी की घटनाओं का सिलसिला यहीं नहीं थमा। लगभग एक सप्ताह पूर्व महुआव खुर्द निवासी पशुपालक संपत शर्मा की एक भैंस भी चोरी हो गई थी। बताया जाता है कि वह अपनी भैंसों को मारकुंडी के दरबहवा पोखरा के पास बांधकर वहीं रात में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर एक भैंस लेकर फरार हो गए।एक ओर पेयजल आपूर्ति से जुड़ी केबल चोरी होने से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, तो दूसरी ओर व्यवसायी और पशुपालक भी चोरों के निशाने पर हैं। इन घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो चोरों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
*गुरमा चौकी की पुलिसिंग पर उठे सवाल*
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच गुरमा पुलिस चौकी की रात्रिकालीन गश्त और अपराध नियंत्रण की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केवल शिकायतों का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है। संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और घटनाओं का त्वरित खुलासा जरूरी है।ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि आखिर चोरों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी और लोगों को सुरक्षा का भरोसा कब मिलेगा? हालांकि, पुलिस की ओर से इन घटनाओं को लेकर की गई कार्रवाई अथवा जांच की स्थिति की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
*एसपी से हस्तक्षेप की मांग, रात्रि गश्त बढ़ाने की अपील*
लगातार चोरी की घटनाओं से चिंतित क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने गुरमा पुलिस चौकी क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं की गंभीरता से जांच कराने, आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।अब देखना यह है कि गुरमा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस कब तक प्रभावी अंकुश लगा पाती है। फिलहाल, चोरों की बढ़ती सक्रियता और घटनाओं के सिलसिले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। ग्रामीणों को आश्वासन नहीं, सुरक्षा का भरोसा और चोरी की घटनाओं पर ठोस कार्रवाई चाहिए।











