*आजादी के आदिवासी नायकों को कब मिलेगा सम्मान?*

*आजादी के आदिवासी नायकों को कब मिलेगा सम्मान?*

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों को उनके अपने ही जनपद में अब तक समुचित सम्मान नहीं मिल पाने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आदिवासी सेनानियों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए उनके गांवों में मूर्ति स्थापित करने और स्मारक निर्माण कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में बुधवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चर्चित गौंड से मुलाकात कर पत्रक सौंपा। साथ ही पत्रक की एक प्रति सांसद छोटेलाल खरवार को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजी गई।
*अंग्रेजों से लड़े, जेल गए, जुर्माना भी झेला*
संगठन ने पत्रक के माध्यम से बताया कि बभनी ब्लॉक के घघरा गांव के शनिचर खरवार और चौवना गांव के रामेश्वर खरवार ने देश की आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिया था। स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा और अंग्रेजों ने उन पर जुर्माना भी लगाया था। इसके बावजूद इन आदिवासी नायकों की स्मृति में उनके गांवों में आज तक न तो मूर्तियां स्थापित हो सकीं और न ही स्मारकों का निर्माण कराया जा सका।ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले आदिवासी नायकों को उचित सम्मान दिलाना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। संगठन के अनुसार, इन स्मारकों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक पूर्व में कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
*जमीन आवंटन का प्रस्ताव पारित, फिर निर्माण में देरी क्यों?*
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि घघरा और चौवना गांवों के ग्राम प्रधानों तथा भूमि प्रबंधन समितियों की ओर से स्मारक निर्माण के लिए जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव भी पारित किए जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि जब जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पहल हो चुकी है, तो प्रशासन को आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराना चाहिए।संगठन ने मांग की कि दोनों स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके गांवों में मूर्ति स्थापना और स्मारक निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
*चार लाख रुपये की वसूली का आदेश लागू करने की मांग*
प्रतिनिधिमंडल ने घघरा ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान और सचिव के विरुद्ध कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने पत्रक में आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से गबन के चार लाख रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया था, लेकिन इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू कर सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए।ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित मामले में जारी वसूली आदेश का अनुपालन कराते हुए सरकारी धनराशि की तत्काल रिकवरी कराई जाए।
*प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल*
इस दौरान ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, जिला प्रवक्ता इंद्रदेव खरवार, घोरावल के संयोजक श्रीकांत सिंह और बभनी के संयोजक देव कुमार खरवार शामिल रहे।


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