-गुरु दर्शन के लिए भगवान भी होते हैं लालायित -स्वामी निर्मल महाराज

0-गुरु दर्शन के लिए भगवान भी होते हैं लालायित -स्वामी निर्मल महाराज
सोनभद्र( विनोद मिश्रा/सेराज अहमद)
गुरु दर्शन के लिए भगवान भी लालायित रहते हैं और इसका साक्ष्य हमें पुराने से प्राप्त होता है गुरु वशिष्ठ, गुरु विश्वामित्र, इत्यादि महापुरुषों के बताए गए पदचिन्हों पर चलकर ईश्वर पथ की दूरी तय करा देते हैं
उक्त बातें गुजरात से आए हुए स्वामी निर्मल महाराज और आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज तथा संत आशीष बाबा ने इस गुढ़ रहस्य को भक्तों के साथ साझा किया
52 सौ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद योगेश्वर श्री कृष्ण की वाणी गीता पुनः प्रकाश में भारतवर्ष में आया श्रीमद् भागवत गीता भाष्य यथार्थ गीता का चार बार तत्वदर्शी महापुरुष के सानिध्य में रहकर अनन्य भक्त के साथ आध्यात्मिक ज्ञान की लौ प्रस्फुटित करें
वैसे तो गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व सभी भक्तों के लिए किसी ऐतिहासिक क्षण से कम नहीं है इस दिन भक्त अपनी आराध्य योगेश्वर महाप्रभु शाश्वत तत्वदर्शी योगिजन के समक्ष स्वयं को समर्पित करते हुए आध्यात्मिक पथ में एक कदम आगे बढ़ाएं
स्वामी निर्मल महाराज जी ने मीडिया से कहा कि यह शरीर ही क्षेत्र है और जो इसको जानता है इसका पार पा लेता है ,आगे उन्होंने क्षेत्र का विस्तार बताया जिसमें 10 इंद्रियां मन, बुद्धि ,अहंकार, पांचो विकार (ज्ञानेंद्रियों की पांच तन्मात्राएं -रूप ,रस ,गंध ,शब्द और स्पर्श -यही इंद्रियों के पांच विषय हैं) और तीनों गुणों का वर्णन है शरीर ही क्षेत्र है, एक अखाड़ा है इसमें लड़ने वाली प्रवृत्तियां दो हैं-दैवी संपद और आसुरी संपद
स्वामी नारद महाराज जी ने कहा गीता मनुस्मृति है और भगवान श्री कृष्ण के अनुसार गीता ही धर्मशास्त्र है। अन्य कोई शास्त्र नहीं , कोई अन्य स्मृति नहीं है। गीता एक परमात्मा को ही सत्य मानती है उसमें विलय दिलाती है, स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज द्वारा रचित विश्व धर्म ग्रंथ यथार्थ गीता पूरे विश्व पटल पर जन -जन में यह धर्म संदेश पहुंचता है तो पूरे विश्व में आध्यात्मिक शांति सदगुरुदेव भगवान की कृपा से अवश्य ही प्राप्त होगा। महापुरुषों ने जिसमें भगवान महावीर ,भगवान गौतम बुद्ध, गुरु नानक ,कबीर सभी ने एक परमात्मा का चिंतन एवं भजन करने पर जोर दिया है भक्तों की अपार भीड़ का आकलन करने के उद्देश्य से आश्रम में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर में भी पूरी सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी के साथ निरीक्षण भी किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। पूरे आश्रम में भक्ति का वातावरण निरंतर सुशोभित हो रहा है ,योगेश्वर महाप्रभु स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज की कृपा सर्वत्र बरस रही हो, गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है भक्तों एवं देश के कोने-कोने से आए हुए महात्माओं में गुरु दर्शन के प्रति दृढ़ इच्छा शक्ति बढ़ती ही जा रही है ।आश्रम में परम पूज्य संत श्री राम महाराज उर्फ मड़ई महाराज,संत राजेश्वरानंद महाराज,संत लाले महाराज,संत तानसेन महाराज, संत सोहम महाराज,संत आशीष बाबा,संत दीपक महाराज,संत अच्युतानंद महाराज संत श्रद्धा महाराज सहित दर्जनों महात्मा भजन कीर्तन आराध्या गुरुदेव भगवान का चिंतन आराधना का कार्यक्रम सत्संग भवन में किया जा रहा है आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज जी के अनुसार इस गुरु पूर्णिमा को 20 लाख से भी ज्यादा भक्तों के आगमन की तैयारी पूर्ण रूपेण की जा चुकी है आश्रम परिसर में जगह-जगह निःशुल्क यथार्थ गीता का पुस्तक भी भक्त मंडल द्वारा वितरित किया जा रहा है


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