
*गुड्डी-गुड्डा विसर्जन के दौरान घाघर नदी में डूबने से हुई युवती की मौत*
*गुड्डी-गुड्डा विसर्जन के दौरान घाघर नदी में डूबने से हुई युवती की मौत*
•~ खुशियों का माहौल मातम में बदला,परिजनों में मचा कोहराम, रो-रो कर हुआ बुरा हाल
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।चोपन थाना क्षेत्र के सलखन ग्राम पंचायत के नौका टोला में खुशियों का माहौल उस समय गम में तब्दील हो गया जब गांव की कुछ लड़कियां *अधिक पूर्णिमा* के शुभ अवसर पर गुड्डी-गुड्डा विसर्जन तथा स्नान-ध्यान हेतु पटवध ग्राम पंचायत के मोरईया टोला स्थित घाघर नदी में रविवार की सुबह तकरीबन10 बजे गयी थी।जहां पर तीन लड़कियां घाघर नदी में गुड्डा गुड्डी विसर्जन हेतु पानी में उतरी ही थी की एक लड़की चांदनी गोड़(16 वर्ष) पुत्री पुत्री राम केवल गोड़ अत्यधिक गहरे पानी में चले जाने की वजह से डूबने से उसकी तत्काल घटनास्थल पर ही मौत हो गई।यह देख साथ गई शेष लड़कियां शोरगुल मचाते हुए परिजनों को आकर आपबीती बतायी।इस हृदय विदारक घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया तथा उनका रो-रो कर काफी बुरा हाल था।सूचना पाकर आनन-फानन में चोपन पुलिस व परिजन तत्काल घटनास्थल पर पहुंच शव को नदी से बाहर निकाला। चोपन पुलिस घटनास्थल का मौका मुआवना करते हुए जांच पड़ताल कर युवती के शव को अपने कब्जे में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कर पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय सोनभद्र भेज दिया।
बताते हैं कि रविवार को ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है,इसे “अधिक पूर्णिमा” भी कहा जाता है।अधिक जेष्ठ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में लोग जप-तप, दान, पूजा-पाठ और स्नान का विशेष महत्व होता है।मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में पूर्णिमा के दिन किए गए शुभ कार्य फलित होते हैं तथा कई गुना पुण्य मिलते हैं।लेकिन परिजनों को क्या पता था कि पुत्री की घाघर नदी में डूबने से मौत हो जाएगी।पूरे इलाके में गमगीन तथा मातम का माहौल बना हुआ है। परिजनों को ढांढस बंधाने वालों की काफी भीड़ एकत्रित हो गई थी।











