
*कुरुहुल माइनर की सफाई बनी दस गांव के हजारों ग्रामीणों के लिए मुसीबत*
*कुरुहुल माइनर की सफाई बनी दस गांव के हजारों ग्रामीणों के लिए मुसीबत*
•~ सड़क पर जलभराव एवं कीचड़ से आवागमन में हो रही है काफी दिक्कतें
*सेराज अहमद /अवधेश कुमार गुप्ता*
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत कुरुहुल की माइनर की सफाई के दौरान कैनाल विभाग की लापरवाही से आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा नहर पर डाबला (मिट्टी का अवरोध) बना दिए जाने से पानी का निकास पूरी तरह बाधित हो गया है। परिणामस्वरूप नहर का पानी और निकली हुई मिट्टी सड़क पर फैल गई है, जिससे पूरी सड़क कीचड़ और जलभराव की चपेट में आ गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग करीब दस गांवों के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। बरसात के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी भर गया है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आये दिन बाइक फिसलने से लोग घायल हो रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। कीचड़ और जल भराव के कारण स्कूल वाहनों के चालक इस मार्ग पर आने से बच रहे हैं। इससे कई बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि कैनाल विभाग सफाई कार्य के बाद पानी निकासी की समुचित व्यवस्था कर देता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल डाबला हटाकर पानी की निकासी सुनिश्चित करने, सड़क से कीचड़ हटाने तथा क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश
लगाया जा सके।इस संबंध में बलुई बंधी के जे.ई. संजय विश्वकर्मा से सेलफोन से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि मौसम गड़बड़ होने के कारण जगह-जगह जल जमाव है और गड्ढे हैं,मौसम खुल जाने के बाद गड्ढों में जेएसबी डाली जाएगी और जो मिट्टी का डाबला बना हुआ है उसको काटकर जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था की जाएगी।











