
*अनियंत्रित स्कूल बस को पहाड़ से टकराते ही मची चीख-पुकार,बाल बाल बचे बच्चे*
*अनियंत्रित स्कूल बस को पहाड़ से टकराते ही मची चीख-पुकार,बाल बाल बचे बच्चे*
•~ बच्चों को सुरक्षित होने की जानकारी पर चिंतित अभिभावकों ने ली राहत की सांस
•~ स्कूल एवं वाहन का संचालकों को दिए गए हैं पूर्व में स्पष्ट निर्देश
*इंडिया न्यूज़ टीवी लाइव संवाददाता सेराज अहमद /अवधेश कुमार गुप्ता*
सोनभद्र।सदर कोतवाली क्षेत्र के किलर रोड के नाम से विख्यात वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग स्थित मारकुंडी घाटी में सोमवार की दोपहर तकरीबन 2:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। छात्र-छात्राओं से भरी स्वामी हर सेवानंद पब्लिक स्कूल इंग्लिश मीडियम की बस न. यूपी 64 टी/ 2122 की ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित होकर पहाड़ से टकरा गई। बस के टकराते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बस में दर्जनों बच्चे सवार थे, जिन्हें मामले चोटें आई हैं। राहत की बात रही कि इस दुर्घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। बच्चे सुरक्षित है ।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण एवं अभिभावक मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी पर अभिभावकों ने राहत की सांस ली। बताते हैं कि उक्त बस बच्चों की छुट्टी होने के पश्चात उन्हें उनके गंतव्य स्थान घर छोड़ने के लिए जा रही थी कि उक्त घटना घटित हुआ।हादसे के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता देखी गई। वहीं स्थानीय लोगों ने स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन, विशेष सावधानी बरतने तथा प्रशासन से ऐसे मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है।
बता दें कि शासन के निदेर्शों के क्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सघन प्रवर्तन अभियान चलावा जा रहा है। अभियान के तहत स्कूली वाहनों के साथ-साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।एआर टीओ प्रवर्तन द्वारा स्कूली वाहनों के संचालकों, ड्राइवरों एवं ई रिक्शा चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वाहनों की निर्धारित क्षमता एवं शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही स्कूली बच्चों का परिवहन किया जाए। किसी भी दशा में क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाया जाए। वाहन के आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस एवं अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्ण रखना अनिवार्य होगा। वाहन संचालकों एवं चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन चालक एवं संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्कूली वाहनों की जांच का अभियान निरंतर जारी रखा जाए तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीएम ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। ओवरलोडिंग से बचें, वाहनों को निर्धारित फिटनेस के साथ संचालित करें, परमिट की शर्तों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें।तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग कदापि न करें। विशेष रूप से स्कूली वाहनों के संचालकों एवं चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित क्षमता केअनुसार ही बच्चों का परिवहन करने को कहां गया है। वाहनों में आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि ये अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल अधिकृत, फिट एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही प्रयोग करें। क्षमता से अधिक वच्चों को बैठाकर अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित होने वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से बचें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी तथा नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











