*नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब*

*नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब*
•~ हर-हर महादेव और नाग देवता के जयकारों से गूंजे मंदिर, दूध-लावा व पुष्प अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मांगी सुख-समृद्धि
•~ आदिवासी बस्ती में सजी कबड्डी प्रतियोगिता, विजेता-उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। सदर विकासखंड के सलखन न्याय पंचायत अंतर्गत विभिन्न शिवालयों में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नागपंचमी का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार की सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महिला, पुरुष और बच्चों ने व्रत रखकर भगवान शिव एवं नाग देवता की विधिवत पूजा-अर्चना की।श्रद्धालु पूजा की थाली में दूध, लावा, बेलपत्र, पुष्प, रोली एवं जल लेकर शिवालय पहुंचे। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ शिवलिंग पर बेलपत्र एवं पुष्प अर्पित किए गए तथा नाग देवता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन करते हुए परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में नागपंचमी की परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों के द्वार पर गोबर से नाग देवता की आकृति बनाकर विधि-विधान से पूजा की। पूरे दिन शिवालयों में “हर-हर महादेव” और “नाग देवता की जय” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
*आस्था के साथ जुड़ी है नागपंचमी की परंपरा*
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्पदंश सहित विभिन्न प्रकार की विपत्तियों से रक्षा होने की मान्यता है। नागों को भगवान शिव से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से नाग देवता का पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
*आदिवासी बस्ती में कबड्डी के रोमांचक मुकाबले*
नागपंचमी के अवसर पर मारकुंडी ग्राम पंचायत के तेलाई चकरिया स्थित आदिवासी बाहुल्य बस्ती में पारंपरिक खेल कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्थानीय कबड्डी टीमों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया तो मैदान के चारों ओर मौजूद ग्रामीणों ने तालियों और उत्साहवर्धन के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
रोमांचक मुकाबले के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।इस अवसर पर बैठोल बैगा, रामप्यारे बैगा, शंकर, राजू, सुक्खू, रामसुरत, धनेसर, धनंजय, रामविलास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि नाग पंचमी जैसे पारंपरिक पर्व के साथ खेल प्रतियोगिता का आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, परंपरा और खेल विरासत से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को मंच मिलने के साथ आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।नागपंचमी के धार्मिक उल्लास और कबड्डी प्रतियोगिता के खेल उत्साह ने सलखन क्षेत्र में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बनाए रखा।


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