*लखनऊ में दिव्यांगों का हल्लाबोल, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गरज विरोध, गूंजी बुलंद आवाज*

*लखनऊ में दिव्यांगों का हल्लाबोल, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गरज विरोध, गूंजी बुलंद आवाज*

~ हजरतगंज गांधी प्रतिमा चौक पर जोरदार धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। दिव्यांगजनों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार आवाज बुलंद हुई। उत्तम दिव्यांग सेवा संस्थान, सोनभद्र की अगुवाई में जनपद सहित दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांगजनों एवं विभिन्न दिव्यांग संगठनों के प्रतिनिधियों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा चौक पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया।धरना-प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों ने “दिव्यांग एकता जिंदाबाद” समेत कई नारों के साथ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एकजुट दिखाई दिए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान पेंशन से दैनिक जरूरतों, दवा, इलाज और आवागमन का खर्च पूरा करना बेहद कठिन हो गया है। इसलिए दिव्यांग पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि समय की आवश्यकता है।
*₹5,000 पेंशन की मांग सबसे प्रमुख*
प्रदर्शन के बाद दिव्यांगजनों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर कम से कम ₹5,000 प्रतिमाह किए जाने तथा पेंशन का भुगतान प्रत्येक माह समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।इसके साथ ही गंभीर एवं अधिक प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता, रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं में विशेष प्राथमिकता, तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर सहायता व्यवस्था तथा दिव्यांग प्रमाणपत्र एवं UDID कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल एवं शीघ्र करने की मांग की गई।
*शिक्षा और रोजगार पर भी जोर*
दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं शैक्षणिक सुविधाओं में वृद्धि, सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्हें सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर, अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भर जीवन चाहिए। सरकार से मांग की गई कि दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
*एकजुटता ने खींचा ध्यान*
लखनऊ में आयोजित धरना-प्रदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांग संगठनों की सहभागिता से कार्यक्रम प्रभावशाली रहा। दिव्यांगजनों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे भी जारी रखा जाएगा।
*ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें*
दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर कम से कम ₹5,000 प्रतिमाह की जाए।पेंशन का भुगतान प्रत्येक माह समय से सुनिश्चित किया जाए।गंभीर एवं अधिक प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाए।रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं में दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता मिले।तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर प्रभावी दिव्यांग सहायता व्यवस्था स्थापित की जाए।दिव्यांग प्रमाणपत्र एवं UDID कार्ड बनाने की प्रक्रिया सरल एवं शीघ्र की जाए।दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं शैक्षणिक सुविधाओं में वृद्धि की जाए।सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक सरलता से पहुंचाया जाए।आवागमन एवं दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाई जाएं।दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान एवं हितों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए इत्यादि प्रमुख मांगे रही।
*दिव्यांगजनों ने मुख्यमंत्री से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों दिव्यांगजनों को आर्थिक राहत, सामाजिक सम्मान एवं आत्मनिर्भर जीवन का अवसर प्रदान करने की मांग की है।*


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