*श्रीकृष्ण-राधा के मनमोहक रूप में सजे बच्चों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन*

*श्रीकृष्ण-राधा के मनमोहक रूप में सजे बच्चों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन*
•~ जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, अज्ञानता और पांच विकारों से मुक्ति का आध्यात्मिक पर्व : बीके सुमन
~ ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में भव्य जन्माष्टमी समारोह, नृत्य-नाटिकाओं ने बांधा समां

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा-सोनभद्र। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विकास नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र में भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रीकृष्ण और राधा समेत विभिन्न देवी-देवताओं के मनमोहक रूप में सजे बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुमन दीदी ने कहा कि मानवीय चेतना के महानायक श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव संपूर्ण मानवता के लिए आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक तिथि का स्मरण नहीं, बल्कि आंतरिक पांच महाविकारों और अज्ञानता की जंजीरों से स्वतंत्र होने का संदेश देता है।उन्होंने कहा कि जब समाज में अधर्म और नकारात्मकता बढ़ती है, तब परमात्मा के अवतरण की आवश्यकता महसूस होती है। इसी प्रकार जब मनुष्य का जीवन भय, अहंकार, सत्ता और सामाजिक दबाव से घिर जाता है, तब उसके भीतर दिव्य चेतना के जागरण की संभावना बढ़ती है। इसलिए जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में श्रीकृष्ण के समान समभाव बनाए रखना ही जन्माष्टमी का वास्तविक आध्यात्मिक संदेश है।
बीके सुमन दीदी ने कहा कि वर्तमान जीवन और समाज की परिस्थितियों को सकारात्मक मनोवृत्ति के माध्यम से प्रेरणा का स्रोत बनाया जा सकता है। ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग के नियमित अभ्यास से जीवन में सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण होता है।बीके दीपशिखा बहन ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को पर्व के वास्तविक उद्देश्य से अवगत कराया। कार्यक्रम का स्वागत नृत्य कु. साक्षी एवं कु. प्रियंसी ने प्रस्तुत किया।इसके बाद बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य-नाटिकाओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नायरा, रिया, मोना, ज्योति, निक्की, कविता, जिया, आरती, ओम, देव, दीप, वैभव, हर्षित, पूनम सहित अन्य बच्चों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।

कार्यक्रम में रिद्धि ने लक्ष्मी तथा प्रीति ने नारायण का मनमोहक रूप धारण किया। बच्चों की सुंदर वेशभूषा, अभिनय और नृत्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके सीता, बीके सरोज, बीके कविता, बीके दीपशिखा, डॉ. अनुपमा सिंह, बीके हरेंद्र भाई, डॉ. संजय सिंह, अवधेश भाई, राजीव भाई, बृजकिशोर भाई, रामप्रवेश भाई सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।समारोह के दौरान पूरा परिसर भक्ति, आध्यात्मिकता और श्रीकृष्ण की लीलाओं के रंग में सराबोर नजर आया।


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