
*तेरह साल से लापता बेटे के नाम पर ठगी का खेल बेनकाब*
*तेरह साल से लापता बेटे के नाम पर ठगी का खेल बेनकाब*
•~ साधु बनकर पहुंचे शातिरों ने मांगे छह लाख, डर-अंधविश्वास दिखाकर पांच लाख ऐंठने की थी तैयारी; चार गिरफ्तार
सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )
थाना चोपन पुलिस ने 13 वर्षों से लापता युवक के नाम पर उसके परिजनों को भावनात्मक रूप से फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साधु के वेश में परिवार तक पहुंचे और स्वयं को 13 साल से लापता युवक बताकर परिजनों का विश्वास जीतने का प्रयास किया। इसके बाद विंध्याचल बुलाकर कथित युवक की पहचान से जुड़े निशान दिखाए गए। गुरु की आज्ञा और भंडारे के नाम पर पहले छह लाख रुपये मांगे गए। रुपये नहीं देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का भय दिखाकर अंधविश्वास का सहारा लिया गया और मांग घटाकर पांच लाख रुपये कर दी गई।परिजन जब रुपये जुटाने लगे तो आरोपियों ने लगातार स्थान बदलकर पैसे की मांग जारी रखी। एक सदस्य द्वारा बताए गए खाते में एक लाख रुपये भेजे जाने के बाद भी आरोपियों की मांग जारी रही। संदेह होने पर परिजनों ने चोपन पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए झुरा गोसाई (46), सिन्टू (29), सेहालु उर्फ सेलू (66) और संगल प्रसाद (29) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी बलरामपुर जनपद के रहने वाले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि वे लंबे समय से ऐसे परिवारों को निशाना बनाते थे, जिनका कोई सदस्य वर्षों से लापता हो। साधु अथवा अन्य वेश धारण कर परिवार में पहुंचने के बाद भावनात्मक दबाव, भय और अंधविश्वास के जरिए रुपये ऐंठे जाते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक चोपन गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक देवी प्रसाद मिश्रा, विनोद कुमार यादव समेत हेड कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार, संजीत कुमार और पुष्प यादव शामिल रहे।











