
-गीता के माध्यम से समाज में व्याप्त होगी आध्यात्मिक शांति-संत अच्युतानंद जी महाराज
गीता के माध्यम से समाज में व्याप्त होगी आध्यात्मिक शांति-संत अच्युतानंद जी महाराज
गुरु वंदना और भंडारे के साथ यथार्थ गीता पाठ का हुआ समापन
सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )
समाज में जिस दिन प्रत्येक व्यक्ति के हाथों में एवं घर-घर में यथार्थ गीता धर्म ग्रंथ की अलौकिक पुस्तक पहुंच जाएगी, उस दिन स्वयं पूरे विश्व मंडल समेत सभी व्यक्तियों पर योगेश्वर महाप्रभु सदगुरुदेव भगवान स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज की सीधी कृपा दृष्टि एवं आशीर्वाद प्राप्त होने लगेगी।
श्री परमहंस आश्रम बैकुंठ धाम क्योंटली चितरंगी से पधारे हुए संत अच्युतानंद जी महाराज द्वारा गुरु वंदना के साथ चितरंगी में रंगनाथ जायसवाल के घर पर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन शुरू हुआ। यथार्थ गीता मंडली मुन्ना लाल यादव पसियाही शक्तेशगढ़ चुनार से आए हुए सदस्यों में विवेक यादव, सुरेश, मनोज, विकी ,अंकित यादव शामिल रहे।
संत अच्युतानंद जी महाराज ने यथार्थ गीता पाठ समापन एवं गुरु वंदना के बाद सत्संग के दौरान कहा कि भगवान की महिमा एवं उनकी श्रद्धा पर अटूट विश्वास के साथ सिर्फ और सिर्फ पूरे सृष्टि के परमपिता परमेश्वर अर्थात सदगुरुदेव भगवान की एकमात्र पूजा कर लेने से सभी देवी देवताओं की पूजा हो जाती है। यथार्थ गीता धर्म ग्रंथ अविस्मरणीय ,अलौकिक, तथा 5200 वर्ष पूर्व भगवान के श्रीमुख की कही गई वाणी स्वयं भगवान श्री कृष्ण द्वारा प्रसारित की गई। इस धर्म ग्रंथ को चार बार पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सोपान कर लेने के बाद योगेश्वर महाप्रभु स्वयं नाम, रूप ,लीला, धाम आदि की महिमा भगवान स्वयं उठाने लगेंगे, बैठाने लगेंगे, चलाने लगेंगे, लेकिन श्रद्धा तैल धाराव्रत बिल्कुल टिकी रहनी चाहिए। भजन एक परमात्मा का, चिंतन एक परमात्मा का, ध्यान एक परमात्मा का, सुमिरन एक परमात्मा का
यथार्थ गीता पाठ के समापन के बाद रंगनाथ जायसवाल ने संत अच्युतानंद जी महाराज समेत आए हुए सभी सदस्यों को अंग वस्त्रम देकर आशीर्वाद प्राप्त किया और भंडारे में सभी भक्तों ने प्रसाद लेने के बाद प्रस्थान किया 24 घंटे तक चलने वाले यथार्थ गीता पाठ में मुख्य रूप से अतुल कुमार सिंह अंकित सिंह, कप्तान सिंह, नागेंद्र सिंह,ईश्वर सिंह, नीरू जायसवाल, दिनेश गुप्ता, राम बहाल केवट, राजमणि जायसवाल, गुड्डू जायसवाल, समेत सैकड़ो भक्त शामिल रहे।











